9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान मामले का होगा निष्पादन, प्रचार गाड़ी क्षेत्रों में किया गया रवाना, दिखाई गई हरी झंडी

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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प्रकार गाड़ी को हरी झंडी दिखाते अधिकारी

राष्ट्रीय लोक अदालत में नौ मई को ट्रैफिक चालान के मामले का निष्पादन किया जाएगा। इसे लेकर प्रशासनिक तैयारी भी शुरू कर दी गई है। बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार पटना के निर्देश पर बुधवार को  व्यवहार न्यायालय गयाजी से ट्रैफिक चालान से संबंधित प्रचार गाड़ी को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गया प्रदीप कुमार मालिक , जिला पदाधिकारी सह उपाधीक्षक जिला विधिक सेवा प्राधिकार गया शशांक शुभंकर एवं न्यायिक पदाधिकारी ने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।
आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान यातायात चालान मामलों के शीघ्र और प्रभावी निपटारे को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश साझा किए गए।

रानी तिवारी की रिट याचिका पर हाई कोर्ट की पहल

यह पहल पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू की खंडपीठ द्वारा सिविल रिट वाद संख्या 20071/2025 (रानी उर्फ रानी तिवारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) में दिए गए आदेश के आलोक में की जा रही है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा

लंबित चालान मामलों का निष्पादन हेतु प्रधान जिला एवम सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार प्रदीप कुमार मलिक ने बताया कि लोक अदालत में लंबित चालान मामलों के निष्पादन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई अहम कदम सुझाए गए हैं।

जिला दंडाधिकारी ने कहा

जिला दंडाधिकारी सह उपाध्यक्ष शशांक शुभंकर ने उन्होंने कहा कि 90 दिनों से अधिक लंबित और हाल के चालानों की अलग-अलग पहचान कर वर्गीकरण किया जाएगा, और इसकी जागरुकता प्रचार वाहन द्वारा किया जाएगा, ताकि निपटारा तेज और सटीक हो सके। इसके अलावा, राज्य परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को भी समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामलों का सुचारू और त्वरित निपटारा सुनिश्चित किया जा सके। उपाध्यक्ष महोदय ने आम लोगों से अपील की है कि वे राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग लेकर अपने लंबित यातायात चालान मामलों का सरल और त्वरित समाधान प्राप्त करें।

डीएलएसए के सचिव ने कहा

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार अरबिंद कुमार दास ने बताया कि सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि पुराने मामलों के भौतिक एवं डिजिटल अभिलेख समय से पहले न्यायालयों में उपलब्ध हों। साथ ही, चालानों की अद्यतन स्थिति ऑनलाइन प्रणाली में सही ढंग से प्रदर्शित हो और रियायती जुर्माने की गणना स्वतः हो सके।

सहायता उपलब्ध कराई जाएगी

लोक अदालत स्थलों पर हेल्प डेस्क स्थापित कर पैरा लीगल वालंटियर्स और अधिवक्ताओं की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए टोकन सिस्टम, अलग-अलग काउंटर और डिस्प्ले बोर्ड की व्यवस्था की जाएगी। इस मौके पर सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, बार प्रेसिडेंट, बार सेक्रेटरी , लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के चीफ, डिप्टी चीफ, असिस्टेंट, एवं अन्य अधिवक्तागण उपस्थित थे।

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