देवब्रत मंडल

गया जी। बिहार सरकार के अलग-अलग विभागों में कार्यरत एक दंपति पर नौकरी दिलाने के नाम पर एक विधवा महिला के आर्थिक, मानसिक एवं कथित शारीरिक शोषण का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर विष्णुपद थाना में कांड संख्या 242/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
जानें क्या क्या लगाया गया है आरोप
आरोप है कि टिकारी प्रखंड कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी राणा प्रताप चौधरी तथा उनकी पत्नी, जो कन्या मध्य विद्यालय डेल्हा में कार्यरत बताई जा रही हैं, ने अपने पद और प्रभाव का भय दिखाकर एक पूर्व मुखिया की विधवा पत्नी को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। पीड़िता से कथित तौर पर बार-बार पैसों की मांग की गई और विरोध करने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
केस वापस लेने और सुलह कर लेने की धमकी
पीड़िता “सीमा देवी” (काल्पनिक नाम) ने आरोप लगाया है कि आरोपी दंपति ने सरकारी नौकरी एवं अन्य लाभ दिलाने के नाम पर ठगी और शोषण किया। महिला का कहना है कि जब उसने विरोध किया तो उसे धमकी दी गई तथा केस वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है। साथ ही मामले को सुलह करने के लिए उनपर दबाव बनाया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व निष्पक्ष जांच की मांग
विष्णुपद थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। पीड़िता ने पुलिस एवं जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों के विरुद्ध समुचित कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए आरोपी दंपति की गिरफ्तारी तथा अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
स्थानीय लोगों में मामला चर्चा का विषय बना
स्थानीय लोगों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि सरकारी पद पर बैठे लोग ही गरीब एवं असहाय महिलाओं का शोषण करेंगे, तो प्रशासनिक व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा।
एक चर्चा यह भी
पीड़िता वर्तमान में एक निजी फर्म में कार्य कर अपने नाबालिग पुत्र का भरण-पोषण एवं पढ़ाई का खर्च उठा रही हैं। इधर, जानकारी मिली है कि आरोपी राणा प्रताप चौधरी के विरुद्ध विभागीय जांच भी चल रही है। बताया जा रहा है कि वह कई दिनों से कार्यालय से अनुपस्थित हैं, जिससे कार्यालय परिसर में भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। फिलहाल पुलिस प्राथमिकी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है।
