देवब्रत मंडल

जदयू नेता एवं पूर्व सदस्य, रोगी कल्याण समिति सह जिला कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति 20 सूत्री सदस्य डॉ. जितेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से मुलाकात कर गया के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
जेपीएन अस्पताल और प्रभावती अस्पताल का मुद्दा
डॉ. जितेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि जय प्रकाश नारायण अस्पताल जेपीएन गया शहर ही नहीं, पूरे मगध प्रमंडल का सबसे महत्वपूर्ण सरकारी अस्पताल है। गया, औरंगाबाद, नवादा, जहानाबाद और अरवल से रोज हजारों मरीज यहां आते हैं। गया अंतरराष्ट्रीय पर्यटन और धार्मिक केंद्र भी है, जहां सालभर तीर्थयात्रियों का आना-जाना लगा रहता है।
उन्होंने जेपीएन अस्पताल के रख-रखाव, साफ-सफाई में सुधार और प्रभावती अस्पताल में स्वीकृत पदों के अनुपात में डॉक्टर एवं महिला डॉक्टर की तत्काल पदस्थापना की मांग की। अस्पताल में आधुनिक उपकरण और पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति पर भी जोर दिया।
गौतम बुद्ध कुष्ठ अस्पताल की जमीन पर अतिक्रमण
जितेंद्र कुमार ने मगध प्रमंडल के एकमात्र कुष्ठ अस्पताल गौतम बुद्ध कुष्ठ आश्रम सह कुष्ठ अस्पताल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि अंग्रेजी शासनकाल में स्थापित यह अस्पताल आज भी कुष्ठ रोगियों के इलाज और आवास का प्रमुख केंद्र है। लेकिन अस्पताल की काफी जमीन अतिक्रमण की चपेट में है, जिससे विकास कार्य रुका हुआ है।
उन्होंने मांग की कि कुष्ठ अस्पताल की चारदीवारी कराई जाए और जमीन को अतिक्रमण मुक्त कर वहां बुनियादी सुविधाओं का विकास हो, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज और रहने की सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य मंत्री का आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जदयू नेता की बातों को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित मामलों की समीक्षा कराने और आवश्यक कार्रवाई पर विचार करने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य संस्थानों के विकास को लेकर हुई इस पहल से मगध प्रमंडल के मरीजों और आम लोगों में बेहतर इलाज की उम्मीद जगी है।
