देवब्रत मंडल
गयाजी: बोधगया प्रखंड के ग्राम नीमा निवासी सेवानिवृत्त सैनिक, वृद्ध एवं हृदय रोगी अनिल कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री सचिवालय के सहयोग RTMS पोर्टल पर आवेदन देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उनका आरोप है कि अपर समाहर्ता राजस्व, गया द्वारा पारित प्रभावी आदेश का लगभग 4 वर्षों से अनुपालन नहीं कराया जा रहा है। जबकि उनके अनुसार उक्त आदेश पर पटना उच्च न्यायालय का कोई प्रभावी स्थगन आदेश नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता के अनुसार अपर समाहर्ता के आदेश को प्रतिवादी ने बिहार भूमि न्यायाधिकरण BLT में चुनौती दी थी। लेकिन न्यायाधिकरण ने हस्तक्षेप से इनकार कर आवेदन खारिज कर दिया। इसके बावजूद बोधगया अंचल कार्यालय द्वारा आदेश का अनुपालन आज तक नहीं हुआ।
सहयोग पोर्टल पर भ्रामक प्रतिवेदन का आरोप
आवेदन में कहा गया है कि सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद हल्का कर्मचारी अभिमन्यु कुमार ने:
- न शिकायतकर्ता से संपर्क किया
- न कोई नोटिस दिया
- न उनका पक्ष सुना
- न अभिलेखों का समुचित परीक्षण किया
आरोप है कि एकपक्षीय प्रतिवेदन तैयार कर पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया। इसमें प्रतिवादी पक्ष की बातों के आधार पर रिपोर्ट दी गई। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिकायत में आगे कहा गया है कि इसी प्रतिवेदन के आधार पर तत्कालीन और वर्तमान अंचलाधिकारी को भी गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।
CM से क्या मांग की?
अनिल कुमार शर्मा ने मुख्यमंत्री से मांग की है:
- पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच
- सहयोग पोर्टल पर अपलोड प्रतिवेदन की सत्यता की जांच
- यदि कोई स्थगन नहीं है तो अपर समाहर्ता के आदेश का तत्काल अनुपालन
- लापरवाही पाए जाने पर संबंधितों पर विधिसम्मत कार्रवाई
सवाल
सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब सक्षम प्राधिकारी का आदेश प्रभावी है, BLT में चुनौती खारिज हो चुकी है और कोई स्टे नहीं है, तो फिर बोधगया अंचल कार्यालय आदेश का अनुपालन कब करेगा?
इस संबंध में अंचलाधिकारी के सरकारी मोबाईल फोन नंबर पर कॉल कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उधर से कोई प्रत्युत्तर नहीं मिला।अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
