देवब्रत मंडल

तत्काल टिकट के नाम पर काउंटर पर सक्रिय है गिरोह, सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है दलाली का वीडियो, सांठगांठ के आरोपों से घिरी कार्रवाई
गया: गया जंक्शन के रिजर्वेशन टिकट काउंटर से पकड़े गए टिकट दलाल के मामले में अब नया मोड़ आ सकता है। सूत्रों की मानें तो दलाल के पास से बरामद मोबाइल के CDR यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच से इस गिरोह के मुख्य सरगना तक का नाम सामने आ सकता है।
RPF ने दलाल को तत्काल टिकट बनवाते समय रंगे हाथ पकड़ा था। उसके पास से कई टिकट और मोबाइल भी मिले थे। यदि अब जांच एजेंसी की नजर उसके मोबाइल CDR पर जाती है तो CDR से पता चलेगा कि दलाल किस-किस से लगातार संपर्क में था और टिकट बुकिंग के दौरान किसके निर्देश पर काम कर रहा था।
पहले भी पकड़ा गया था दलाल, वायरल हुआ था वीडियो
यह पहला मामला नहीं है जब गया जंक्शन पर टिकट दलाल पकड़ा गया हो। इसके पहले भी टिकट काउंटर से एक दलाल को गिरफ्तार किया गया था। इतना ही नहीं, कुछ समय पहले तत्काल टिकट दलाली का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
‘सरगना’ तक क्यों नहीं पहुंचते हाथ?
देखा जाए तो गया जंक्शन के रिजर्वेशन काउंटर पर तत्काल टिकट को लेकर दलालों का गिरोह हमेशा सक्रिय रहता है। छोटे-मोटे दलाल तो पकड़े जाते हैं, लेकिन कार्रवाई ‘सरगना’ तक नहीं पहुंच पाती।
चर्चा है कि इस पूरे खेल में सरगना की अंदरखाने सांठगांठ है। यही वजह है कि हर बार दलाल पकड़ने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है और असली मास्टरमाइंड के गिरेबान तक RPF के हाथ नहीं पहुंच पाते।
क्या CDR बनेगा टर्निंग प्वाइंट?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या RPF इस बार बरामद मोबाइल के CDR की गहराई से जांच कर गिरोह के सरगना तक पहुंच पाएगी, या फिर पहले की तरह इस मामले को भी रफा-दफा कर दिया जाएगा।
यात्रियों का कहना है कि अगर सरगना पर कार्रवाई नहीं हुई तो तत्काल टिकट के नाम पर यह काला कारोबार यूं ही चलता रहेगा और आम यात्री परेशान होते रहेंगे।
