रेल पटरी पर रखा मिला भारी लोहे का सीएसटी-9 प्लेट, अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज, डीडीयू मंडल के निर्देश पर जांच तेज
देवब्रत मंडल

गया। गया में एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई। वाराणसी से राजगीर जा रही बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित साजिश ट्रेन चालक की सतर्कता और सूझबूझ के कारण विफल हो गई। हालांकि घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी यह रहस्य बरकरार है कि रेल पटरी पर भारी लोहे का सीएसटी-9 प्लेट किसने रखा था। मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर रही है और अज्ञात साजिशकर्ता की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार, घटना की रात बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस गया जंक्शन से खुलकर पटना की ओर बढ़ रही थी। ट्रेन स्टार्टर सिग्नल के समीप पहुंचने वाली थी कि चालक की नजर रेल पटरी पर रखी एक संदिग्ध वस्तु पर पड़ी। संभावित खतरे को भांपते हुए चालक ने तुरंत ट्रेन रोक दी। इसके बाद वह इंजन से उतरकर मौके पर पहुंचे, जहां रेल पटरी पर भारी लोहे का सीएसटी-9 प्लेट रखा मिला।
चालक ने तत्काल इसकी जानकारी ट्रेन के गार्ड को दी और दोनों ने सिक्योरिटी कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। रात करीब दो बजे गया जंक्शन से आरपीएफ और जीआरपी की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रेल पटरी से लोहे का प्लेट हटाया गया।
एहतियात के तौर पर इस दौरान गया जंक्शन से पीछे आ रही गंगा-दामोदर एक्सप्रेस तथा राजगीर से पटना होते हुए गया की ओर आ रही दूसरी ट्रेन को भी रोक दिया गया, ताकि किसी प्रकार का जोखिम न रहे।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यदि चालक समय रहते सतर्कता नहीं दिखाता तो एक बड़ा रेल हादसा हो सकता था। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि रेल पटरी पर जानबूझकर भारी लोहे का प्लेट रखा गया था, जिससे ट्रेन को नुकसान पहुंचाने या दुर्घटनाग्रस्त करने की आशंका थी।
रेलवे के एक अधिकारी ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि मामला अत्यंत गंभीर है। इस संबंध में अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है और डीडीयू रेल मंडल के डीआरएम के निर्देश पर जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, घटना की रात गया-पटना रेलखंड पर स्थित चौसठ-सी समपार फाटक पर तैनात गेटमैन से भी आरपीएफ ने पूछताछ की है। जांच अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना के समय किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि तो नहीं देखी गई थी।
रेलवे सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे मामले को हाई-प्रोफाइल मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि आखिर रेल पटरी पर सीएसटी-9 प्लेट रखकर इतनी बड़ी साजिश किसने रची और उसका उद्देश्य क्या था। जांच एजेंसियों के सामने अब इसी रहस्य से पर्दा उठाने की चुनौती है।
