देवब्रत मंडल

गया। पिछले महीने गया-पटना रेलखंड पर बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के आगे रेलवे ट्रैक पर लोहे का सीएसटी-9 प्लेट मिलने से संभावित रेल हादसा टलने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। आरपीएफ ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आरपीएफ पोस्ट गया के प्रभारी निरीक्षक बनारसी यादव ने बताया कि 26 जून 2026 की रात गया स्टेशन के समीप किलोमीटर संख्या 91/16 पर डाउन लाइन की बाईं रेल पटरी पर एक सीएसटी-9 प्लेट पड़ी मिली थी। ट्रेन संख्या 15138 डाउन बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के लोको पायलट की सतर्कता और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई से प्लेट को ट्रैक से हटाया गया, जिसके बाद रेल परिचालन सामान्य किया गया। इस घटना के कारण बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस लगभग 11 मिनट तक प्रभावित रही।
अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद आरपीएफ पोस्ट गया में अज्ञात के विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धारा 153 एवं 174-बी के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच उप निरीक्षक इंदर कुमार को सौंपी गई।
चोरी करते पकड़ा गया, पूछताछ में किया खुलासा
जांच के दौरान आरपीएफ ने आकाश कुमार उर्फ नाटो (18 वर्ष), पिता बिरजू माझी, निवासी अंदर बैरागी, थाना डेल्हा, जिला गया को रेलवे का सीएसटी-9 प्लेट चोरी करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि 26 जून की रात भी वह रेलवे यार्ड से सीएसटी-9 प्लेट चोरी कर ले जा रहा था। इसी दौरान ट्रेन आते देख वह घबरा गया और चोरी किया हुआ प्लेट रेल पटरी पर छोड़कर फरार हो गया था।
आरपीएफ के अनुसार आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान, अपराध के समान तरीके (मोडस ऑपरेंडी) तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे इस मामले में भी नामजद करते हुए गिरफ्तार किया गया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपी के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर मामले में रेल संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम की धारा 3 भी जोड़ दी गई है।
चालक की सतर्कता से टला था बड़ा हादसा
गौरतलब है कि 26 जून की रात बुद्ध पूर्णिमा एक्सप्रेस के सामने रेल पटरी पर सीएसटी-9 प्लेट मिलने से बड़ा रेल हादसा हो सकता था। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई से समय रहते प्लेट हटाकर ट्रेन को सुरक्षित रवाना किया गया था। अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस घटना के पीछे की वजह भी स्पष्ट हो गई है कि यह किसी बड़ी साजिश नहीं, बल्कि रेलवे सामग्री की चोरी के दौरान हुई लापरवाही का परिणाम था।
