देवब्रत मंडल

गया, 1 अगस्त: गया शहर में पेयजल आपूर्ति में हुई गंभीर लापरवाही पर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को समाहरणालय सभागार में गया नगर निगम और बुडको के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में डीएम ने जलापूर्ति व्यवस्था की गहन समीक्षा की और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने तथा स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया।
दो दिनों तक प्रभावित रही जलापूर्ति
बैठक में डीएम को बताया गया कि पिछले दो दिनों से पुलिस लाइन सिंगरा स्थान जलापूर्ति केंद्र पर मोटर का संचालन नहीं होने के कारण जलमीनार में पानी नहीं भर सका। इसके चलते एपी कॉलोनी समेत आसपास के कई इलाकों में जलापूर्ति पूरी तरह ठप रही, जिससे हजारों लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
बुडको अधिकारियों और पंप ऑपरेटर पर कार्रवाई
इस मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए डीएम ने बुडको के परियोजना निदेशक से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि बुडको के उप परियोजना निदेशक नील कुमार एवं संबंधित जलापूर्ति पंप ऑपरेटर के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई जाए।
इसके अलावा, जलापूर्ति केंद्र की निगरानी के लिए नगर निगम की ओर से नामित एरिया इंचार्ज सह निगम पदाधिकारी शुभम कुमार से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
बिना सूचना जलापूर्ति बंद नहीं होगी
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बिना पूर्व सूचना के शहर के किसी भी इलाके की जलापूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पेयजल आम नागरिकों की मूलभूत आवश्यकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तकनीकी खराबी का तत्काल समाधान करने का निर्देश
डीएम ने सभी जलापूर्ति केंद्रों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने और किसी भी तकनीकी खराबी का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी कारणवश जलापूर्ति अस्थायी रूप से बंद करनी पड़े तो संबंधित क्षेत्र के लोगों को पहले ही इसकी सूचना दी जाए, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
बैठक के अंत में डीएम ने दोहराया कि गया शहर में निर्बाध और नियमित जलापूर्ति प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कठोर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सभी संबंधित एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ आम नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
