देवब्रत मंडल
मानपुर में उत्पाद विभाग की छापेमारी, 113.185 लीटर विदेशी शराब व बीयर जब्त

गया। बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हैं। वहीं दूसरी ओर गया जिले में शराब के अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पा रही है। रेलमार्ग से लेकर सड़क मार्ग तक शराब की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में उत्पाद विभाग की टीम ने गया के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में एक घर पर छापेमारी कर भारी मात्रा में विदेशी शराब और बीयर बरामद की है।
सहायक आयुक्त उत्पाद प्रियरंजन ने बताया
गया के सहायक आयुक्त उत्पाद प्रियरंजन के अनुसार, उत्पाद विभाग को मिली सूचना के आधार पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बुढ़गरे गांव में कार्रवाई की गई। टीम ने एक घर में छापेमारी की, जहां निर्माणाधीन मकान के अंदर शराब का स्टॉक छिपाकर रखा गया था। तलाशी के दौरान विभिन्न डिब्बों एवं कार्टनों में रखी 247 बोतल/कैन विदेशी शराब एवं बीयर बरामद की गई। जब्त शराब की कुल मात्रा 113.185 लीटर बताई गई है। उत्पाद विभाग की कार्रवाई से इलाके में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।
22 वर्षीय युवक गिरफ्तार, पूछताछ शुरू
छापेमारी के दौरान शराब के इस अवैध कारोबार में कथित रूप से शामिल नमन कुमार (लगभग 22 वर्ष), पिता- रंजीत ठाकुर, निवासी बुधगेरे, थाना मुफस्सिल, जिला गया को गिरफ्तार किया गया है। विभाग की टीम आरोपी से पूछताछ कर शराब के स्रोत और इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने में लगी है।
निर्माणाधीन घर को बना रखा था शराब का ठिकाना
उत्पाद विभाग की कार्रवाई से यह भी सामने आया कि शराब कारोबारियों द्वारा पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए घर अथवा निर्माणाधीन मकानों में शराब का स्टॉक छिपाकर रखा जा रहा है। छापेमारी दल में एसआई अंजन कुमार साह, मधनिषेध सिपाही शशि कुमार गुप्ता, मधनिषेध सिपाही अभिषा कुमारी सहित गृह रक्षक जवान एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
अब सप्लाई नेटवर्क की भूमिका की जांच
बरामदगी के बाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब गया तक कैसे पहुंची और इसके पीछे किसी बड़े सप्लाई नेटवर्क की भूमिका तो नहीं है। उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई को शराब के अवैध भंडारण और कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
