पांडुलिपि संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को 5 मई को सम्मानित करेगा गया जिला प्रशासन, जानें कौन-2 हैं इसके हकदार

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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गया में सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल के तहत 5 मई 2026 को समाहरणालय सभागार में विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पांडुलिपि संरक्षण एवं डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर द्वारा चयनित व्यक्तियों को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल उनके कार्यों की सराहना करेगा, बल्कि समाज में इस महत्वपूर्ण क्षेत्र के प्रति जागरूकता भी बढ़ाएगा।


1.21 लाख से अधिक पांडुलिपियों का सत्यापन

जिले में पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण और सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान
बोधगया मठ
मगध विश्वविद्यालय पुस्तकालय
समाहरणालय पुस्तकालय
जिला अभिलेखागार
विभिन्न सरकारी कार्यालय
निजी संग्राहकों
जैसे प्रमुख स्थानों से कुल 1,21,398 पांडुलिपियों का सफल सत्यापन किया गया। यह उपलब्धि जिले की समृद्ध ऐतिहासिक और साहित्यिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

इन लोगों को मिलेगा सम्मान

कार्यक्रम में पांडुलिपि संरक्षण और डिजिटाइजेशन में योगदान देने वाले कई व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें प्रमुख हैं:
शंभूनाथ विट्ठल
राजेंद्र कुमार सिजुआर
चिंटू लाल
रंजीत भैया
दीनानाथ मेहरवार
कृष्ण लाल भैया
विनोद लाल मेहरवार
कमल बारिक
बाबू गुर्दा
इन सभी ने पांडुलिपियों के संकलन, सत्यापन और संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाई है।

क्या है इस पहल का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है:
पांडुलिपि संरक्षण के महत्व को जन-जन तक पहुंचाना
डिजिटाइजेशन के जरिए धरोहरों को सुरक्षित रखना
इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को प्रोत्साहित करना
सामूहिक भागीदारी को मजबूत बनाना
विशेषज्ञों की रहेगी मौजूदगी
समारोह में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षाविद, शोधकर्ता, साहित्यकार और अभिलेखागार विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इस दौरान संरक्षण और डिजिटाइजेशन से जुड़े अनुभव, चुनौतियां और उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।

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