रविवार को बैंक बंद रहने से नहीं हो सकी पुष्टि, रकम कहां से आई और कैसे दिखी, बना रहस्य
देवब्रत मंडल

गया। गया जी शहर के बागेश्वरी मोहल्ले के रहने वाले एक ई-रिक्शा चालक के बैंक खाते में 759 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखने का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम ने ई-रिक्शा चालक शिव कुमार पटेल और उनके परिवार की चिंता बढ़ा दी है। रविवार को बैंक बंद रहने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आखिर इतनी बड़ी राशि खाते में कैसे दिखाई दी और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या है।
घर पहुंची पुलिस, फिर थाने और साइबर थाना भेजा गया
शिव कुमार पटेल ने बताया कि रविवार को सबसे पहले डेल्हा थाना क्षेत्र के छोटकी नवादा टीओपी के पुलिस पदाधिकारी उनके घर पहुंचे और उन्हें डेल्हा थाना बुलाया गया। वहां उनका बयान दर्ज किया गया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें साइबर थाना भेजा गया, जहां भी उनसे पूछताछ की गई।
परिवार और आसपास के लोग भी असमंजस में
शिव कुमार पटेल ने बताया कि दिनभर मीडिया कर्मियों का भी उनके घर आना-जाना लगा रहा, जिससे उन्हें बार-बार पूरी घटना बतानी पड़ी। दूसरी ओर, बाहर रहने वाले रिश्तेदारों और परिचितों को जैसे ही इसकी जानकारी मिली, उनके फोन लगातार आने लगे। पूरे परिवार के लिए यह स्थिति परेशानी और तनाव का कारण बन गई है।
सोमवार को बैंक से मिलेगी स्थिति की स्पष्ट जानकारी
एक साधारण ई-रिक्शा चालक के खाते में अचानक 759 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दिखाई देना किसी के लिए भी हैरान करने वाली बात है। शिव कुमार पटेल का कहना है कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि सोमवार को बैंक पहुंचने पर आखिर क्या जानकारी मिलेगी और बैंक की ओर से क्या कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को बैंक बंद रहने के कारण न तो बैंक प्रबंधन से कोई आधिकारिक जानकारी मिल सकी और न ही यह स्पष्ट हो पाया कि यह तकनीकी त्रुटि है, किसी गलत ट्रांजेक्शन का मामला है या फिर कोई अन्य वजह।
सोमवार को उठ सकता है रहस्य से पर्दा
फिलहाल पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है। आसपास के लोग और शिव कुमार पटेल को जानने वाले सभी यही जानना चाहते हैं कि आखिर एक मामूली ई-रिक्शा चालक के खाते में 759 करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैसे दिखाई दी। अब सबकी निगाहें सोमवार को बैंक खुलने पर टिकी हैं, जब इस पूरे मामले से पर्दा उठने की उम्मीद है।
