पत्रकार अमित कुमार के साथ मारपीट एवं धमकी पर आक्रोश, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, पत्रकार सुरक्षा को लेकर आंदोलन की चेतावनी

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

image editor output image 431087626 17797244479903517107750307855633 पत्रकार अमित कुमार के साथ मारपीट एवं धमकी पर आक्रोश, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, पत्रकार सुरक्षा को लेकर आंदोलन की चेतावनी
पुलिस पदाधिकारी से मिलते शिष्टमंडल


गया जिले के गुरुआ प्रखंड में दैनिक भास्कर के पत्रकार अमित कुमार के साथ कथित मारपीट, बंधक बनाकर प्रताड़ित करने और जान से मारने की धमकी दिए जाने की घटना को लेकर बिहार श्रमजीवी पत्रकार यूनियन, गया इकाई में भारी आक्रोश है। संगठन ने इसे लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और पत्रकारिता की गरिमा पर सीधा हमला बताया है। सोमवार को पत्रकारों का एक शिष्टमंडल पुलिस पदाधिकारी से मिलकर मामले में दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की है।

इधर, यूनियन के जिलाध्यक्ष रंजन सिन्हा ने कहा कि खबर लिखने के कारण पत्रकार को निशाना बनाना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है। “यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा। लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन उन्हें धमकाने, डराने और हमले की घटनाएं चिंता का विषय बन रही हैं।”

उन्होंने कहा कि गुरुआ की घटना ने साबित कर दिया कि कुछ लोग सत्ता और राजनीतिक प्रभाव के दम पर कानून हाथ में लेने से नहीं हिचकते। अमित कुमार के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक प्रताड़ना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है।

यूनियन ने स्पष्ट किया कि वह मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए हर स्तर पर आवाज उठाएगी। पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान पर कोई समझौता नहीं होगा।

मंगलवार को यूनियन का प्रतिनिधिमंडल वरीय प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से मिलेगा। मांग होगी – मामले की निष्पक्ष जांच, नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित पत्रकार को सुरक्षा। जरूरत पड़ने पर संगठन आंदोलन की रणनीति भी तैयार करेगा।

यूनियन ने सभी पत्रकार साथियों से एकजुट रहने की अपील की – “यह सिर्फ एक पत्रकार का मामला नहीं, पूरे पत्रकार समाज की गरिमा और सुरक्षा का प्रश्न है। आज आवाज नहीं उठाई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी।”

प्रशासन से मांग की गई है कि त्वरित एफआईआर दर्ज कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पत्रकारों का कानून पर विश्वास बना रहे।

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