सोना लूटकांड: आरोपी परवेज़ आलम की जमानत याचिका खारिज, दूसरी तरफ एसआईटी की टीम रिमांड पर लेकर कर रही पूछताछ

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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इसी आरओ प्लांट में पीड़ित धनञ्जय शास्वत आरोपी ले गए थे

गया रेल थाना के सोना लूटकांड मामले में 26 मार्च 2026 को परवेज आलम की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक सिंधू भूषण ओझा ने जमानत का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की सुनने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज कर दी। इस बात की जानकारी देते हुए लोक अभियोजक श्री ओझा ने बताया कि न्यायालय को उन्होंने बताया कि इस कांड की जांच कर रही पुलिस ने परवेज आलम की संलिप्तता पाई है। मोहित अग्रवाल को जब जमानत दी गई थी तो उस आदेश में यह जिक्र किया गया है कि केस डायरी में संदर्भित अभियोजन पक्ष के पूरे मामले के अनुसार, सिपाही आनंद मोहन, अभिषेक कुमार चतुर्वेदी, रंजय कुमार और करण कुमार के अलावा परवेज आलम की घटना में सीधी संलिप्तता पाई गई है, जो धनंजय शश्वत को रोकने और परवेज आलम के वाटर प्लांट में लाने में शामिल थे। इधर, परवेज आलम को रिमांड पर लेकर एसआईटी पूछताछ की है।
बात दें कि 21 नवंबर 2025 को हावड़ा-जोधपुर (हावड़ा–बीकानेर) एक्सप्रेस में यात्री से सोना लूट की सनसनीखेज घटना ने पूरे रेल महकमे को हिला कर रख दिया है। इस हाईप्रोफाइल कांड में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि यात्री सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले रेल पुलिस के जवान ही इस लूट में शामिल थे। जब मामले में कार्रवाई और तेज हो गई तो गया रेल थाना क्षेत्र से जुड़े इस मामले में चार सिपाहियों और दो सिविलियनों के खिलाफ रेल न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
जिसके बाद सबसे पहली गिरफ्तारी तत्कालीन रेल थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह की हुई। बाद में प्राथमिकी अभियुक्त बनाए गए मोहित अग्रवाल की। इसके बाद परवेज आलम ने गिरफ्तारी और कुर्की जब्ती की कार्रवाई से बचने के लिए गया रेल न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। जिससे रिमांड लेकर पूछताछ जारी है।
गया रेल थाना के बहुचर्चित सोना लूटकांड में परवेज आलम को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूछताछ के बाद इस मामले की जांच कर रही एसआईटी की कार्रवाई और तेज हो गई है। रेल पुलिस की टीम लगातार उससे पूछताछ कर रही है और उसके बताए गए ठिकानों पर छापेमारी अभियान चला रही है।
परवेज आलम की निशानदेही पर कई संदिग्ध स्थानों पर पहुंचकर जांच की गई, जहां से कुछ अहम सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। पूछताछ के दौरान परवेज आलम ने कुछ लोगों के नाम भी बताए हैं, जिनसे पुलिस ने संपर्क कर पूछताछ शुरू कर दी है। रेल पुलिस के एक पदाधिकारी ने बताया कि परवेज आलम से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके द्वारा दी जा रही जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में शामिल अन्य आरोपितों की भी पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है। बता दें कि एसआईटी की टीम का नेतृत्व पटना रेल पुलिस मुख्यालय के डीएसपी भास्कर रंजन कर रहे हैं।
रेल एसपी अनंत कुमार राय एसआईटी की टीम द्वारा इस कांड में की जा रही कार्रवाई पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि यह कांड पुलिस की साख पर एक बदनुमा दाग है।

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