देवब्रत मंडल

गया: गया जंक्शन पर इन दिनों अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला एक पत्रकार के साथ पॉकेटमारी का सामने आया है, जहां अपराधियों ने उनका मोबाइल फोन चुरा लिया। इस संबंध में थाना में सनहा दर्ज कर लिया गया है।
पत्रकार और रेलवे यात्रियों पर लगातार निशाना
गौरतलब है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले एक अखबार के ब्यूरो चीफ आकाश प्रियदर्शी भी प्लेटफॉर्म पर पॉकेटमारी का शिकार हो चुके हैं। वहीं आकाशवाणी (ऑल इंडिया रेडियो) के एक कर्मचारी साजिद की बाइक चोरी होने का मामला भी सामने आया था।
महिला यात्रियों को भी बनाया जा रहा निशाना
रेलवे स्टेशन पर महिला यात्रियों की सुरक्षा भी सवालों के घेरे में है। एक अप्रवासी महिला यात्री श्वेता शर्मा के हैंडबैग(इसमें महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वर्णाभूषण, आईफोन आदि) की चोरी का मामला इतना गंभीर हो गया कि वह प्रधानमंत्री कार्यालय और डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर तक पहुंच गया। इसके अलावा एक अन्य महिला यात्री के गले से मंगलसूत्र चोरी होने की घटना ने भी सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद रेल पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। पांच महीने पहले 21 नवंबर 2025 को सोना लूट जैसे गंभीर मामले में भी अब तक न तो सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो पाई है और न ही कोई ठोस सफलता हाथ लगी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
लगातार हो रही चोरी, पॉकेटमारी और लूट की घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि गया जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था कमजोर पड़ती नजर आ रही है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। आए दिन अधिकतर बार लावारिश तो कभी तस्कर के साथ देशी विदेशी शराब के पकड़े जाने की घटनाएं आम बात हो गई है। कछुए की तस्करी हो या फिर मादक पदार्थ गांजा की तो ये आम बात हो चली है।
आम यात्री अब संभल कर ट्रेन से सफर करते हैं
आम यात्रियों की धारणा बन गई है कि गया जंक्शन पर अपराधियों से बच के ही रहना होगा। कब किसका क्या चोरी चला जाए यह कहना मुश्किल हो गया है। बाइक चोरी मामले में पत्रकार के परिजनों को तो सीसीटीवी फुटेज में यह साफ दिखाई दिया है कि लाल रंग के शर्ट पहने सख्श ने इस घटना को अंजाम दिया है लेकिन वो अभी पकड़ से दूर है।
