27 बेंचों ने किया काम, बिजली के 1007 और क्रिमिनल कंपाउंडेबल के 1531 मामले निपटे
देवब्रत मंडल

गया, 9 मई 2026
व्यवहार न्यायालय गया एवं शेरघाटी में शुक्रवार को साल के दूसरे राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार प्रदीप कुमार मलिक, जिलाधिकारी सह उपाध्यक्ष शशांक शुभंकर, परिवार न्यायाधीश सुनील कुमार वर्मा, D.A.S.J.-1 शशिकांत ओझा एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार अरविंद कुमार दास ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
“लोक अदालत में दोनों पक्षों की जीत होती है”: प्रधान जिला जज
उद्घाटन के मौके पर प्रधान जिला जज प्रदीप कुमार मलिक ने कहा कि लोक अदालत एकमात्र ऐसा तरीका है जिसमें दोनों पक्षों की विजय होती है। दोनों पक्ष जीतते हैं, आपसी सद्भावना बनी रहती है और लोग खुशी-खुशी घर जाते हैं। उन्होंने बेंच में कार्यरत पैनल अधिवक्ताओं को विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
27 बेंचों का गठन, गया में 23 और शेरघाटी में 4 बेंच
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए कुल 27 बेंच बनाए गए थे। इनमें 23 बेंच गया व्यवहार न्यायालय में और 4 बेंच शेरघाटी में गठित किए गए।
प्रमुख बेंच और न्यायिक अधिकारी
- बेंच-1: शशिकांत ओझा D.A.S.J.-1, पैनल अधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद
- बेंच-6: रचना अग्रवाल D.A.S.J.-6 स्पेशल जज पॉक्सो, पैनल अधिवक्ता अंजना कुमारी
- बेंच-11: प्रकाश कुमार राय C.J.M. गया, पैनल अधिवक्ता राजेश आनंद
- बेंच-14: सुशांत सागर रेलवे ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट, पैनल अधिवक्ता गणेश प्रसाद
- शेरघाटी बेंच-24: राजेश कुमार सिंह A.C.J.M.-1, पैनल अधिवक्ता ओमप्रकाश
3304 वाद निष्पादित, 9.67 करोड़ की समझौता राशि
लोक अदालत में कुल 3304 मामलों का निष्पादन किया गया और 9,67,67,313 रुपये की समझौता राशि तय हुई।
किस तरह के मामले निपटे
- बिजली के मामले: 1007, समझौता राशि 3,86,25,836 रुपये
- क्रिमिनल कंपाउंडेबल: 1531, समझौता राशि 19,20,235 रुपये
- मोटर वाहन दुर्घटना: 27, समझौता राशि 2,58,75,000 रुपये
- बैंक के मामले: 530, समझौता राशि 2,98,33,756 रुपये
- ट्रैफिक चालान: 205, समझौता राशि 5,09,500 रुपये
- चेक बाउंस: 2 मामले, BSNL: 2 मामले, समझौता राशि 2,986 रुपये
सफल आयोजन में इनकी रही भूमिका
आयोजन को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कर्मचारी हादी अकरम, प्रतुल कुमार, विकास कुमार, हारून रसीद, उदय कुमार, दीपक कुमार सिन्हा, अनिल कुमार, रितिक कुमार, रंजीत कुमार, अजय कुमार के साथ पारा लीगल वॉलिंटियर मनोज कुमार, रोहित कुमार, हीरालाल, जुल्फिकार अंसारी, परमानंद सिंह, संतन कुमार, संजय चौधरी और संतोष कुमार मौजूद रहे।
