बरसात में यात्रियों की परेशानी को देखते हुए प्लेटफॉर्म पर शेड निर्माण का दिया निर्देश, जलजमाव दूर करने को कहा
देवब्रत मंडल

गया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) उदय सिंह मीना शनिवार की देर शाम अचानक गया जंक्शन पहुंचे। डीआरएम के अचानक आगमन से स्थानीय रेल अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई। करीब आधे घंटे तक गया जंक्शन पर रुककर उन्होंने यात्री सुविधाओं और चल रहे कार्यों का जायजा लिया।
बताया गया कि डीआरएम उदय सिंह मीना पूर्व मध्य रेल मुख्यालय, हाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पटना जंक्शन पहुंचे थे। वहां से वे गया जंक्शन पहुंचे और स्टेशन पर करीब 30 मिनट तक निरीक्षण किया।
यात्री शेड की कमी देख जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कुछ स्थानों पर यात्री शेड की कमी महसूस की।
बरसात के मौसम को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों को बारिश के दौरान किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आवश्यक स्थानों पर जल्द से जल्द शेड का निर्माण कराया जाए।

जगह-जगह जलजमाव पर भी दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान डीआरएम की नजर गया जंक्शन परिसर में जगह-जगह जलजमाव की समस्या पर भी पड़ी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जलजमाव की स्थिति की जानकारी ली और इसे जल्द दूर करने का निर्देश दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण यात्री परिसर में जलजमाव से यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
डीआरएम के पहुंचते ही अलर्ट हुआ रेल प्रशासन
डीआरएम के गया जंक्शन पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय स्तर के पर्यवेक्षक और रेलकर्मी सक्रिय हो गए। पर्यवेक्षक स्तर के कई कर्मचारी स्टेशन पर उनकी आगवानी के लिए मौजूद रहे।
वहीं, डीआरएम के आगमन को लेकर गया जंक्शन पर सुरक्षा व्यवस्था में तैनात आरपीएफ के अधिकारी और जवान भी अलर्ट मोड में नजर आए।

आधे घंटे के निरीक्षण के बाद डीडीयू रवाना
करीब आधे घंटे तक गया जंक्शन पर निरीक्षण करने के बाद डीआरएम उदय सिंह मीना डीडीयू मंडल मुख्यालय के लिए रवाना हो गए।
डीआरएम के स्टेशन पर रहने के दौरान स्थानीय रेल अधिकारी और पर्यवेक्षक स्तर के कर्मचारी उनके साथ मौजूद रहे। अचानक हुए इस निरीक्षण में मुख्य रूप से यात्री सुविधाओं, बरसात में यात्रियों की सहूलियत और स्टेशन परिसर में जलजमाव जैसी समस्याओं पर उनका ध्यान रहा।
