करीब दो घंटे से अधिक विलंब से गया पहुंची 63384 कोडरमा-वैशाली सुपरफास्ट मेमू एक्सप्रेस, यात्रियों को दूसरी रैक से भेजा गया वैशाली
देवब्रत मंडल

गया। कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में निर्मित आधुनिक 3-फेज मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट (MEMU) रेक वाली 63384 कोडरमा-वैशाली सुपरफास्ट मेमू एक्सप्रेस रविवार को तकनीकी खराबी के कारण विलंबित हो गई। ट्रेन को तकनीकी समस्या के कारण करीब ढाई घंटे की देरी से गया जंक्शन पहुंचना पड़ा। इस बीच रास्ते में रोकी गई इस ट्रेन के यात्रियों ने हंगामा भी किया। जिसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिली। गया जंक्शन पर कोई और हंगामा नहीं हो। इसके लिए पहले से ही एक रेक को मंगवा लिया गया।
ट्रेन के गया जंक्शन पहुंचने के बाद रेलवे के संबंधित रेल कर्मचारियों और तकनीकी टीम ने तत्काल खराबी की जांच शुरू की। यात्रियों को अधिक परेशानी न हो और ट्रेन का परिचालन आगे बाधित नहीं हो, इसके लिए रेलवे ने वैकल्पिक रैक की व्यवस्था की।
काफी देर तक इंतजार नहीं करना पड़ा, फंसे रहे यात्री
तकनीकी खराबी वाली ट्रेन को प्लेटफॉर्म संख्या चार पर लिया गया। पूछताछ कार्यालय के उद्घोषणा प्रणाली से यात्रियों को इसकी जानकारी प्रसारित की जा रही थी। वहीं वैशाली जाने वाले यात्रियों के लिए दूसरी रैक को प्लेटफॉर्म संख्या पांच पर लाया गया। यात्रियों को दूसरी रैक में सवार कर वैशाली की ओर रवाना किया गया। इस व्यवस्था के कारण तकनीकी खराबी वाली ट्रेन में सवार यात्रियों को लंबे समय तक फंसे रहना पड़ा। रेलवे की ओर से यात्रियों को दूसरी रैक उपलब्ध कराए जाने के बाद उन्हें राहत मिली।

आधुनिक तकनीक से लैस है MEMU रेक
गौरतलब है कि इस तरह की आधुनिक MEMU रेक भारतीय रेलवे के लिए कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री में तैयार की जाती हैं। इन रेक में 3-फेज आईजीबीटी नियंत्रित वीवीवीएफ प्रणोदन प्रणाली, रीजनरेटिव ब्रेकिंग, जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली (PIS), एलईडी डेस्टिनेशन डिस्प्ले, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कुशनयुक्त सीट और चौड़े प्रवेश द्वार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं।
रीजनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक के जरिए ट्रेन की गति कम होने के दौरान उत्पन्न ऊर्जा को वापस ओवरहेड विद्युत ग्रिड में भेजा जाता है, जिससे ऊर्जा की बचत होती है।
नेटवर्किंग सिस्टम में खराबी हो सकती है वजह

हालांकि, रविवार को इसी आधुनिक MEMU रेक में तकनीकी खराबी आने के कारण कोडरमा-वैशाली ट्रेन का परिचालन प्रभावित हुआ। रेलवे की तकनीकी टीम खराबी की जांच और उसे दूर करने में जुटी रही। दूसरी रैक से ट्रेन रवाना किए जाने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। बताया गया कि नेटवर्किंग सिस्टम में तकनीकी रूप से गड़बड़ी के कारण ऐसी समस्या उत्पन्न हुई होगी। जिसकी पड़ताल की जा रही है।
