बागेश्वरी गुमटी: मुआवजा को लेकर लोग हुए एकजुट, समाधान को लेकर लगाए बैनर, भू-अर्जन पदाधिकारी को सौंपा आवेदन

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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बागेश्वरी रोड में लगा बैनर


गया। बागेश्वरी गुमटी (लेवल क्रॉसिंग 71A) पर प्रस्तावित फ्लाईओवर सह पहुंच पथ निर्माण योजना के तहत अधिग्रहित की जाने वाली जमीन को लेकर स्थानीय निवासी एकजुट हो गए हैं। लोगों ने बागेश्वरी रोड में एक बैनर लगाकर प्रशासन का ध्यानाकृष्ट कराया है। इसको लेकर एक भूधारी ने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को आपत्ति आवेदन सौंपा है।

आवेदक का आरोप: गलत है गजट में उल्लेखित प्रकृति

आवेदक मनोज कुमार, पिता स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद, निवासी बागेश्वरी गुमटी, थाना डेल्हा, जिला गया ने आवेदन में कहा है कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में उनकी जमीन को गलत तरीके से बिहार सरकार के नाम प्रकाशित कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित जमीन उनकी माता स्वर्गीय भारती देवी के नाम से दर्ज है और परिवार वर्षों से वहां निवास कर रहा है।

भूमि पर वर्षों से कब्जा का दावा

आवेदन में उल्लेख किया गया है कि भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 11(1) के तहत 7 फरवरी 2026 को प्रकाशित अधिसूचना में खाता संख्या 1032 की जमीन को सरकारी भूमि बताया गया, जबकि वर्तमान में उस भूमि पर परिवार का कब्जा और नगर निगम का कर भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है नए सर्वे का अंतिम प्रकाशन नहीं हु

मनोज Kumar ने यह भी कहा कि बागेश्वरी मोहल्ले में नए सर्वे का अंतिम प्रकाशन अभी तक नहीं हुआ है, इसलिए पुराना सर्वे ही प्रभावी माना जाना चाहिए। उन्होंने पुराने खाता संख्या 16, खेसरा संख्या 6309 तथा नए खाता संख्या 572 और खेसरा संख्या 1791 का हवाला देते हुए कहा कि अधिग्रहित की जा रही करीब 100 आर जमीन पर मुआवजे का पूरा अधिकार उनका बनता है।

दस्तावेज पेश करते हुए प्रशासन से मांग

आवेदक ने प्रशासन से मांग की है कि जमीन और मकान का पंचाट उनके नाम घोषित कर उचित मुआवजा भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके समर्थन में उन्होंने केवाला, खतियान, ड्राफ्ट बंदोबस्ती, नगर निगम कर रसीद एवं वंशावली की प्रतियां भी आवेदन के साथ संलग्न की हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर वास्तविक अभिलेखों के आधार पर निर्णय लेता है, तो प्रभावित परिवार को न्याय मिल सकेगा।

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