गया में रंगदारी कांड: आईजी के हस्तक्षेप से दर्ज हुई एफआईआर, पांच दिन बाद भी आरोपी गिरफ्त से बाहर

Deobarat Mandal

स्कूल संचालक परिवार ने जताई जान का खतरा, कहा — “कभी भी हो सकती है बड़ी वारदात

देवब्रत मंडल

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गया के डेल्हा थाना क्षेत्र में एक स्कूल संचालक परिवार से रंगदारी, मारपीट और लाखों रुपये लूटे जाने के मामले ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस महानिरीक्षक विकास वैभव के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी तो दर्ज कर ली गई, लेकिन घटना के पांच दिन बाद भी किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
परिवार का कहना है कि सभी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं, जिससे पूरे परिवार में भय का माहौल बना हुआ है।

“5 लाख दो, नहीं तो स्कूल बंद करा देंगे”

पीड़िता श्वेता कुमारी द्वारा दर्ज कराए गए आवेदन के अनुसार, 20 मई को करीब 10 से 12 लोग हथियार के साथ उनके घर पहुंचे। आरोप है कि बदमाशों ने उनके पति वृजनंदन कुमार से 5 लाख रुपये रंगदारी की मांग की और विरोध करने पर बाउंड्री तोड़ते हुए घर में घुसकर मारपीट की। आवेदन में यह भी कहा गया है कि आरोपियों ने हथियार का भय दिखाकर करीब 3 लाख रुपये नकद लेकर फरार हो गए। घटना के दौरान पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

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इन सभी को बनाया गया आरोपी


एफआईआर में गुड्डू यादव, रोहित यादव, संजय शर्मा, जयकांत शर्मा, सुरेंद्र शर्मा, मधुकर यादव और अजय यादव समेत कुल 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। पीड़ित पक्ष का दावा है कि घटना के सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध हैं और आरोपियों की पहचान स्पष्ट रूप से की जा सकती है।

“थाने में नहीं सुनी गई शिकायत”


परिवार का आरोप है कि घटना के बाद स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत करने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। इसके बाद मामला वरीय अधिकारियों और न्यायालय तक पहुंचा। अंततः आईजी के निर्देश के बाद 25 मई को डेल्हा थाने में एफआईआर दर्ज की गई।
हालांकि, अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। श्वेता कुमारी ने आशंका जताई है कि “अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ी घटना हो सकती है।” फिलहाल पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

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