देवब्रत मंडल

गया रेल थाना का चर्चित सोना लूटकांड एक बार फिर सुर्खियों में है। रेल पुलिस ने कांड संख्या 334/2025 में तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह, स्वर्ण व्यवसायी मोहित अग्रवाल उर्फ मोनू और परवेज आलम के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है।
क्या था मामला
नवंबर 2025 में हावड़ा-बीकानेर जोधपुर एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री से जांच के नाम पर करीब एक किलो सोना कथित तौर पर लूट लिया गया था। उस वक्त सोने की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये आंकी गई थी।
जांच में क्या सामने आया
कांड की जांच पटना रेल पुलिस मुख्यालय के डीएसपी भास्कर रंजन के नेतृत्व में हुई। लोक अभियोजक विजय कुमार के मुताबिक, तीनों आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर संलिप्तता सामने आई है।
पुलिस का दावा
पुलिस का दावा है कि लूट का सोना स्वर्ण व्यवसायी मोहित अग्रवाल ने खरीदा था। उसके घर से करीब 98 ग्राम सोना बरामद हुआ। वहीं परवेज आलम के आरओ प्लांट में सोने की बिस्किट काटे जाने की बात बिनोद कुमार नाम के व्यक्ति ने पूछताछ में कबूली।
कौन कहां है
- परवेज आलम(बाहरी व्यक्ति): न्यायिक हिरासत में गया जेल में बंद
- इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह, स्वर्ण व्यवसायी मोहित अग्रवाल: जमानत पर बाहर
थाना के चार सिपाहियों को भी आरोपी बनाया गया है, लेकिन हाईकोर्ट के आदेश पर उनकी गिरफ्तारी पर रोक है। ये चारों अभी तक कोर्ट में हाजिर नहीं हुए हैं। वहीं एक और बाहरी व्यक्ति भी आरोपी है।
पुलिस की किरकिरी, घटनाएं रुकने का नाम नहीं रही
गया रेल थाना पहले से बिहार के रेल थानों में सबसे ज्यादा चर्चा में रहा है। जिस वक्त यह कांड हुआ, उस समय पटना रेल एसपी वर्तमान रेल एडीजी हैं। मामले में पुलिस की भूमिका पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इधर हाल के कुछ महीनों में भी चोरी, छिनतई की कई घटनाएं हो चुकी है। पत्रकार सहित अप्रवासी भारतीय महिला के साथ हुई कथित चोरी की घटनाओं में सफलता हाथ नहीं लगी है। कुछ दिन पहले ही गंगा-दामोदर एक्सप्रेस में एक महिला के पर्स काटकर गहने की चोरी का मामला सामने आया है।
फिलहाल सोना लूटकांड में चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट में ट्रायल शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।
