सेफ्टी ऑडिट पूरा नहीं होने से नहीं मिलेगी मंजूरी, 676 सीढ़ियां चढ़ने की कठिनाई से अभी नहीं मिलेगी श्रद्धालुओं को राहत
देवब्रत मंडल

गया जी। आगामी पितृपक्ष मेला 2026 की तैयारियों के बीच बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने शुक्रवार को प्रेतशिला में निर्माणाधीन रोपवे परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े अभियंताओं से यह जानना चाहा कि क्या इस वर्ष के पितृपक्ष मेला के दौरान तीर्थयात्रियों को रोपवे की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
अभियंताओं ने विधानसभा अध्यक्ष को बताया कि फिलहाल रोपवे का संचालन शुरू करना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और सुरक्षा कारणों से पितृपक्ष मेला 2026 से पहले इसे चालू करना उचित नहीं होगा। किसी भी रोपवे परियोजना के संचालन से पहले थर्ड पार्टी एजेंसी द्वारा अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट कराया जाता है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और सुरक्षा संबंधी स्वीकृति नहीं मिल जाती, तब तक रोपवे का संचालन नहीं किया जा सकता।
प्रेतशिला गया जी के प्रमुख पिंडदान स्थलों में से एक है, जहां पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। पहाड़ी की चोटी पर स्थित पिंडदान वेदी तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 676 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। कई स्थानों पर सीढ़ियां काफी खड़ी होने के कारण वृद्ध, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए प्रेतशिला रोपवे परियोजना शुरू की गई थी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन सेफ्टी ऑडिट और अंतिम सुरक्षा स्वीकृति की प्रक्रिया शेष रहने के कारण रोपवे का संचालन अभी शुरू नहीं किया जा सकता।
ऐसे में इस वर्ष पितृपक्ष मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को पहले की तरह सीढ़ियों के रास्ते ही प्रेतशिला की चोटी तक पहुंचकर पिंडदान करना होगा। हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि सुरक्षा संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रोपवे का संचालन शुरू कर दिया जाएगा, जिससे भविष्य में लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी।
