ऑपरेशन सतर्क और ऑपरेशन नारकोस के तहत शराब व मादक पदार्थों की तस्करी पर कड़ा प्रहार, करोड़ों रुपये की अवैध सामग्री जब्त
देवब्रत मंडल

गया जी: पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने वर्ष 2026 के पहले सात महीनों में शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीणा के निर्देशन तथा वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त दिनेश सिंह तोमर के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत तस्करों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।
आरपीएफ द्वारा ऑपरेशन सतर्क के तहत जनवरी से जुलाई 2026 तक कुल 233 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान करीब 11.91 लाख लीटर देशी व अंग्रेजी शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 67 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। साथ ही 390 तस्करों को गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों के हवाले किया गया।
बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए आरपीएफ ने विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत 97 मामलों में लगभग 6.93 लाख लीटर शराब (अनुमानित कीमत करीब 25 करोड़ रुपये) जब्त की गई। वहीं उत्तर प्रदेश में 124 मामलों में करीब 4.35 लाख लीटर तथा झारखंड में 12 मामलों में करीब 63 हजार लीटर शराब बरामद की गई।
वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में वर्ष 2026 में शराब तस्करी के मामलों के उद्भेदन में 97 प्रतिशत, शराब की बरामदगी में 152 प्रतिशत तथा गिरफ्तारियों में 82 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

ऑपरेशन नारकोस में भी बड़ी सफलता
रेल मार्ग से मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन नारकोस के तहत जनवरी से जुलाई 2026 तक 93 मामलों का खुलासा किया गया। इस दौरान लगभग 1.61 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत एक लाख रुपये से अधिक बताई गई है। कार्रवाई के दौरान 8 तस्करों को गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया।
आरपीएफ के अनुसार, वर्ष 2025 की तुलना में ऑपरेशन नारकोस के तहत मामलों के उद्भेदन में 62.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
तस्करी रोकने के लिए अभियान रहेगा जारी
आरपीएफ ने कहा कि रेलवे नेटवर्क का उपयोग शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए न हो, इसके लिए अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे, ताकि रेल मार्ग को अवैध गतिविधियों से मुक्त रखा जा सके।
