पूजा-अर्चना के बाद नारियल फोड़कर किया गया एक्सलेटर का ट्रायल, जल्द यात्रियों को मिल सकती है सुविधा
देवब्रत मंडल

गया। गया जंक्शन के सौंदर्यीकरण एवं आधुनिकीकरण की दिशा में चल रहे कार्यों के बीच यात्रियों की सुविधाओं में एक और नया आयाम जुड़ गया है। ग्लास से बने बौद्ध स्तूप के आकार में तैयार की जा रही अराइवल बिल्डिंग में एक्सलेटर का शुभारंभ किया गया। इस दौरान रेलवे के निर्माण विभाग के अभियंता, निर्माण कार्य कर रही एजेंसी केपीसीएल के अभियंता, तकनीकी विशेषज्ञ, पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से गया जंक्शन के पुनर्विकास एवं आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसी के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात कार्य में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में अराइवल बिल्डिंग में लगाए गए एक्सलेटर का विधिवत पूजा-अर्चना के बाद शुभारंभ किया गया। केपीसीएल के तकनीकी विशेषज्ञ ने नारियल फोड़कर इसका शुभारंभ किया।
तकनीकी टीम की मौजूदगी में सफल संचालन
शुभारंभ के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी में एक्सलेटर का सफल संचालन किया गया। संबंधित अभियंताओं एवं तकनीकी टीम के अनुसार, एक्सलेटर का काम कम समय में पूरा किया गया है। अब आवश्यक तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद इसे जल्द ही यात्रियों के लिए समर्पित किए जाने की उम्मीद है।
एक्सलेटर के चालू होने के बाद यात्रियों को अराइवल बिल्डिंग के विभिन्न तलों तक पहुंचने में काफी सुविधा होगी। साथ ही इसी बिल्डिंग से यात्रियों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म की ओर जाने के लिए एक्सलेटर और लिफ्ट की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

ग्राउंड फ्लोर पर यात्रियों के बैठने व कैफेटेरिया की बेहतर व्यवस्था
गया जंक्शन की नई अराइवल बिल्डिंग को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर यात्रियों के बैठने के लिए बेहतर व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा यहां कैफेटेरिया का भी निर्माण कराया जा रहा है।
जी प्लस थ्री संरचना वाली इस बिल्डिंग में यात्रियों के साथ-साथ रेल अधिकारियों के लिए भी कई कमरे बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य तेजी से जारी है और आने वाले समय में इस भवन के पूरी तरह तैयार होने के बाद गया जंक्शन की यात्री सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
बौद्ध स्तूप की झलक देगा नया भवन
गया जंक्शन के पुनर्विकास की खास बात यह है कि नई संरचनाओं में गया की ऐतिहासिक एवं बौद्ध विरासत की झलक देने का प्रयास किया जा रहा है। ग्लास वाले बौद्ध स्तूप के आकार में तैयार हो रही अराइवल बिल्डिंग इसी आधुनिकता और स्थानीय पहचान के मेल का उदाहरण है।
पितृपक्ष मेला को ध्यान में रखकर कार्य तेजी से
इस अराइवल बिल्डिंग में एक्सलेटर के सफल संचालन के बाद अब यात्रियों को इसके जल्द शुरू होने का इंतजार है। प्रयास ये हो रहा है कि पितृपक्ष मेला 2026 के दौरान यात्रियों के बैठने की व्यवस्था पूरी कर ली जाए। कैफेटेरिया के बारे में इतना बताया गया कि निर्माण कंपनी और रेल विभाग(कंस्ट्रक्शन) अपनी ओर से इसे तैयार कर दिया है। लेकिन मामला कमर्शियल विभाग से जुड़ा हुआ है। इसके लिए बेहतर वही बता सकते हैं। इस एक्सलेटर के शुरू होने से गया जंक्शन पर आने वाले यात्रियों को स्टेशन परिसर में आवागमन के दौरान पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।
