देवब्रत मंडल

गया। पीएमश्री केंद्रीय विद्यालय संख्या-1, गया जी ने इस वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए शत-प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। विद्यालय के विद्यार्थियों की सफलता से पूरे विद्यालय परिवार में उत्साह का माहौल है। गुरुवार को विद्यालय के प्राचार्य अशोक कुमार गुप्ता ने सफल छात्र-छात्राओं के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित कर अपने हाथों से मिठाईयां खिलाकर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

प्राचार्य अशोक कुमार गुप्ता ने कहा कि 12वीं की परीक्षा में विद्यालय का शत-प्रतिशत रिजल्ट छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता तथा अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने सफल विद्यार्थियों के माता-पिता के प्रति भी आभार व्यक्त किया कि उन्होंने अपने बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में अध्ययन के लिए भेजा।

विद्यालय की छात्रा माही कुमारी ने कॉमर्स संकाय में 500 में 499 अंक प्राप्त कर 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। माही ने अकाउंट्स, बिजनेस स्टडीज, इकोनॉमिक्स एवं आई.पी. विषय में 100 में 100 अंक प्राप्त कर न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया, बल्कि केंद्रीय विद्यालय संगठन के पटना संभाग एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशेष पहचान बनाई है। प्राचार्य ने कहा कि सीमित संसाधनों और अभावों के बावजूद माही के माता-पिता ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जो समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है। इस उपलब्धि पर पूरा विद्यालय परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

विद्यालय के अन्य मेधावी विद्यार्थियों में परी प्रिया ने 95.8 प्रतिशत, सृष्टि कुमारी ने 95.4 प्रतिशत, अमन कुमार ने 94.6 प्रतिशत, शौर्य कुमार ने 92.4 प्रतिशत, अनिशा कुमारी ने 91.6 प्रतिशत, तनिष्का कुमारी ने 91.2 प्रतिशत तथा शिवम कुमार ने 90.25 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं दिव्या कुमारी ने मेडिकल संकाय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 85.6 प्रतिशत अंक हासिल किए।
इस अवसर पर प्राचार्य ने वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति भी आभार व्यक्त किया और कहा कि शिक्षकों के समर्पण एवं मार्गदर्शन ने विद्यार्थियों को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
प्राचार्य ने बताया कि ये सभी छात्र विद्यालय में नियमित रूप से अध्ययन करने के लिए आते थे। वहीं ग्रुप बनाकर आपस में डिस्कशन किया करते थे। जिससे पढ़ाई के दौरान कहीं भी कोई सवाल मन में उत्पन्न होते थे शिक्षक से मिलकर उसका समाधान करने के लिए कहते थे। जिसका परिणाम आज सामने है। सभी सफल छात्र छात्राओं ने कहा कि अब आगे की पढ़ाई पूरी करने के बाद देश की सेवा करेंगे। छात्रों ने इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता के साथ शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ साथ प्राचार्य को भी दिया है।
