न्यूज़ डेस्क

भारतीय रेलवे ने यात्रियों को बेहतर ऑनलाइन टिकट बुकिंग अनुभव देने के लिए आज IRCTC पोर्टल का नया बीटा वर्जन लॉन्च कर दिया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, नए पोर्टल का उद्देश्य तत्काल टिकट बुकिंग के दौरान होने वाली सर्वर क्रैश, पेमेंट फेल और धीमी स्पीड जैसी समस्याओं को काफी हद तक खत्म करना है।
नए पोर्टल में यूजर इंटरफेस को पहले से अधिक सरल और तेज बनाया गया है। रेलवे का दावा है कि इससे टिकट बुकिंग प्रक्रिया आसान होगी और यात्रियों का समय भी बचेगा।
नए पोर्टल के 4 बड़े बदलाव
1. CAPTCHA और विज्ञापनों से राहत अब टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार CAPTCHA भरने और अनावश्यक पॉप-अप विज्ञापनों की परेशानी नहीं होगी। साफ-सुथरा इंटरफेस वेबसाइट को तेज और उपयोग में आसान बनाएगा।
2. एक ही स्क्रीन पर सभी क्लास की सीटें यात्रियों को अब अलग-अलग क्लास चुनकर सीट उपलब्धता देखने की जरूरत नहीं होगी। सभी श्रेणियों की सीटों की जानकारी एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी।
3. सुपरफास्ट टिकट बुकिंग रेलवे के अनुसार, नई प्रणाली में टिकट बुकिंग क्षमता 32 हजार से बढ़ाकर 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट कर दी गई है। वहीं, PNR और ट्रेन पूछताछ की क्षमता भी 4 लाख से बढ़ाकर 40 लाख प्रति मिनट तक पहुंचाई गई है। पैसेंजर डिटेल्स सेव रहने और कम स्टेप्स के कारण बुकिंग पहले से अधिक तेज होगी।
4. तत्काल टिकट में बॉट्स पर सख्ती तत्काल टिकटों की अवैध ऑटोमैटिक बुकिंग रोकने के लिए नए एंटी-बॉट सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं। इससे आम यात्रियों को तत्काल टिकट मिलने की संभावना बढ़ने की उम्मीद है।
मिलेंगी कई आधुनिक सुविधाएं
नए सिस्टम में AI आधारित वेटिंग टिकट कन्फर्मेशन प्रेडिक्शन, फेयर कैलेंडर, कई भारतीय भाषाओं का सपोर्ट और RailOne ऐप के माध्यम से भी ये सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
रेलवे का बड़ा तकनीकी बदलाव
यह अपग्रेड भारतीय रेलवे के करीब 40 साल पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को आधुनिक क्लाउड आधारित तकनीक में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रेलवे का कहना है कि इससे ऑनलाइन टिकट बुकिंग अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगी।
