क्रेटा कार से 686 बोतल विदेशी शराब बरामद, एक तस्कर गिरफ्तार; शराब माफियाओं पर नकेल के लिए ठोस रणनीति की जरूरत

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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गया। बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद गया जिले में शराब तस्करी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन जिले के विभिन्न इलाकों से भारी मात्रा में शराब की खेप बरामद हो रही है, जो यह संकेत देता है कि शराब माफिया लगातार नए-नए तरीके अपनाकर बिहार में अवैध शराब की आपूर्ति कर रहे हैं। ऐसे में शराब तस्करों की कमर तोड़ने के लिए केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि एक स्पष्ट और कारगर नीति की भी आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इसी क्रम में उत्पाद थाना, शेरघाटी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डोभी थाना क्षेत्र के घटेरिया मोड़ के पास एक चार पहिया वाहन (हुंडई क्रेटा) से अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की है। कार्रवाई के दौरान वाहन चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार तस्कर की पहचान गोलू पाण्डेय (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के रामपुर वार्ड संख्या-04 का निवासी बताया गया है।
उत्पाद विभाग के अनुसार, क्रेटा कार से कुल 686 बोतल अवैध विदेशी शराब बरामद की गई, जिसकी कुल मात्रा 402.500 लीटर है। मामले में जब्त शराब और वाहन को कब्जे में लेते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है तथा अनुसंधान के बाद आरोप पत्र समर्पित किया जाएगा।
छापेमारी दल में अवर निरीक्षक स्नेहा कुमारी एवं अनिल कुमार सिंह सहित अन्य कर्मी शामिल थे।

बढ़ रही है चुनौती


गौरतलब है कि बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद भी गया जिले में लगातार शराब की खेप पकड़ी जा रही है। संबंधित विभागों के अधिकारी इस बात से भली-भांति अवगत हैं कि शराब पड़ोसी राज्यों की सीमाएं पार कर बिहार में प्रवेश कर रही है। चाहे रेलमार्ग हो या सड़क मार्ग, दोनों रास्तों से शराब की तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बरामदगी और गिरफ्तारी से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। अंतरराज्यीय समन्वय, सीमावर्ती क्षेत्रों में कड़ी निगरानी, खुफिया तंत्र को मजबूत करने तथा परिवहन मार्गों पर तकनीकी निगरानी जैसी प्रभावी रणनीतियों के जरिए ही शराब माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सकता है।
फिलहाल, उत्पाद विभाग की इस कार्रवाई को शराब तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, लेकिन लगातार हो रही बरामदगियां यह भी दर्शाती हैं कि शराबबंदी को प्रभावी बनाने के लिए अभी और सख्त एवं सुनियोजित कदम उठाने की जरूरत है।

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