देवब्रत मंडल


नीतीश ने रखी आधारशिला, मांझी के समय से फाइल में योजना, 2 साल की अवधि के कई महीने बीत गए, जनता बोली- ‘तीन CM देख लिए, पुल कब बनेगा?’
गया, 14 जून 2026।
आज बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गया जी की पावन धरा पर आ रहे हैं। यह गयावासियों के लिए गौरव का क्षण है, लेकिन बागेश्वरी रेल फाटक पर बनने वाले ROB को लेकर लोगों में नाराजगी है।
100 करोड़ की योजना, काम शून्य
गया शहर के बागेश्वरी रेल फाटक के बदले ROB निर्माण पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी न केवल घोषणा की, बल्कि 99 करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत कर दी थी।
कागज पर सब पूरा, जमीन पर कुछ नहीं:
- टेंडर हो गया
- निर्माण एजेंसी का बेस कैंप कार्यालय खुल गया
- प्लांट लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में
- पेड़ों की कटाई और बिजली तार शिफ्टिंग का आदेश जारी
- पिलर कहां बनेंगे, इसका सर्वे पूरा
- भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भू-अर्जन कार्यालय में प्रक्रियाधीन
लेकिन धरातल पर कार्य शून्य है। पुल निर्माण निगम के अधिकारी केवल आना-जाना करते दिखते हैं।
‘साइट क्लियर नहीं तो काम कैसे करें’: एजेंसी
निर्माण कार्य करने आई एजेंसी के लोगों का कहना है, “हमें साइट क्लियर नहीं मिल रहा है तो हम क्या करें।” भूमि पूजन हुए कई माह बीत गए। 2 साल की परियोजना अवधि के कई महीने यूं ही निकल गए।
‘तीन-तीन मुख्यमंत्री देख लिए, पुल कब बनेगा?’
बागेश्वरी-पावरगंज रोड पर रोज जाम से जूझ रहे लोग अब ऊब चुके हैं। फाटक घंटों बंद रहने से जनता परेशान है।
स्थानीय लोगों का कहना है, “तीन-तीन मुख्यमंत्री इस पुल के लिए देख चुके हैं। पूर्व CM जीतनराम मांझी के कार्यकाल से ही फाइल में ROB की बात है। नीतीश कुमार ने आधारशिला रखी, राशि दी। अब सम्राट चौधरी से उम्मीद है कि शायद इनके कार्यकाल में ROB बन जाए।”
घोषणा-सर्वे से ऊबी जनता
लोगों का कहना है कि घोषणा, सर्वे, निरीक्षण, परीक्षण, आदेश-निर्देश सुन-सुनकर वे थक गए हैं। गुमटी बंद रहने पर फंसे लोग पूछते हैं- “यह पुल कब बनेगा?”
CM सम्राट चौधरी के दौरे से लोगों को उम्मीद है कि बागेश्वरी ROB का काम अब रफ्तार पकड़ेगा।
