देवब्रत मंडल
अलाइनमेंट के अनुसार हो रही मापी, दीवारों पर लिखा जा रहा कितनी जमीन और भवन होगा अधिग्रहित

गया जी। बागेश्वरी गुमटी के पास निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) परियोजना को लेकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अब तेज हो गई है। जिलाधिकारी शशांक शुभंकर के निर्देश के बाद परियोजना के अलाइनमेंट में आने वाले मकानों और दुकानों की मापी शुरू कर दी गई है। संबंधित विभागों की टीम प्रभावित भवनों की दीवारों पर यह भी अंकित कर रही है कि किस मकान की कितनी भूमि और भवन का हिस्सा अधिग्रहण के दायरे में आएगा।
डीएम के निरीक्षण के बाद शुरू हुई कार्रवाई
कुछ दिन पहले जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन आरओबी का स्थलीय निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि परियोजना से प्रभावित सभी भवनों का स्पष्ट सीमांकन किया जाए और यह तय किया जाए कि किस व्यक्ति की कितनी भूमि अधिग्रहित होगी। साथ ही प्रभावित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया भी पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाई जाए।
भवन निर्माण व संबंधित विभाग की संयुक्त टीम कर रही मापी
डीएम के निर्देश के बाद भवन निर्माण विभाग और अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम बागेश्वरी मोहल्ले में पहुंची। टीम ने सड़क के दोनों ओर स्थित उन मकानों की मापी शुरू कर दी है जो आरओबी के अलाइनमेंट में आ रहे हैं। मापी के साथ-साथ संबंधित मकानों की दीवारों पर अधिग्रहण की सीमा भी अंकित की जा रही है, ताकि मकान मालिकों को स्पष्ट जानकारी मिल सके कि उनकी कितनी जमीन और भवन परियोजना से प्रभावित होगा।
प्रभावित लोगों को भवन का भी मिलेगा मुआवजा
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया था कि केवल भूमि ही नहीं, बल्कि अधिग्रहित होने वाले भवनों का भी मुआवजा नियमानुसार दिया जाएगा। अब दीवारों पर किए जा रहे सीमांकन से यह स्पष्ट होने लगा है कि किसकी कितनी भूमि और भवन परियोजना के लिए लिया जाएगा।

सरकारी जमीन पर जारी है निर्माण कार्य
पुल निर्माण विभाग द्वारा बताया गया है कि बागेश्वरी गुमटी आरओबी का निर्माण कार्य फिलहाल सरकारी भूमि पर जारी है। पुल के पिलरों के लिए फाउंडेशन का काम चल रहा है। हालांकि कार्य की रफ्तार समय-समय पर धीमी और तेज होती रही है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अधिकारियों का कहना है कि परियोजना के लिए आवश्यक निजी भूमि समय पर उपलब्ध नहीं होने से निर्माण की गति प्रभावित हो रही है।
मकान मालिकों और किरायेदारों में बनी हुई है असमंजस की स्थिति
दीवारों पर अधिग्रहण संबंधी निशान लगने के बाद प्रभावित मकान मालिकों और दुकानों में रहने वाले किरायेदारों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पहले मुआवजा मिलेगा और उसके बाद निर्माण आगे बढ़ेगा, या फिर अधिग्रहण और मुआवजा प्रक्रिया के साथ-साथ काम जारी रहेगा। यह सवाल परियोजना की शुरुआत से ही उठता रहा है और अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होने के बाद फिर चर्चा का विषय बन गया है।
