पीएमओ तक पहुंची शिकायत, फिर भी नहीं मिला चोरी गए सामान का सुराग; यात्री ने रेलवे की कार्यशैली पर उठाए सवाल

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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गया/पटना। ट्रेन यात्रा के दौरान सामान चोरी होने के मामले में एक यात्री ने रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। यात्री द्वारा इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के जन शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन दावा किया गया है कि अब तक न तो चोरी गए सामान की बरामदगी हो सकी है और न ही उन्हें एफआईआर दर्ज किए जाने की स्पष्ट जानकारी दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता प्रियंकर कुमार ने 06 मई 2026 को पीएमओ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वे ट्रेन संख्या 13347 से यात्रा कर रहे थे। उनका आरक्षण बी-4 कोच (एसी 3 टियर) में था। यात्रा के दौरान उनका सामान चोरी हो गया। घटना के बाद उन्होंने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी को सूचना दी, लेकिन उनके अनुसार मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।

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पीड़ित यात्री(शिकायत कर्ता)


शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एसी कोच में चोरी जैसी घटना रेलवे कर्मियों की लापरवाही के बिना संभव नहीं लगती। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी मांग की गई।
हालांकि, पीएमओ पोर्टल पर शिकायत की स्थिति “केस क्लोज्ड” दर्शाई गई है। इसके बावजूद पीड़ित यात्री का कहना है कि उन्हें अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं। साथ ही चोरी गए सामान की बरामदगी कर उन्हें वापस भी नहीं सौंपी गई है।
पीड़ित यात्री ने मगध लाइव को बताया कि शिकायत दर्ज कराने और विभिन्न स्तरों पर गुहार लगाने के बावजूद उन्हें मामले की प्रगति से अवगत नहीं कराया गया। उनका कहना है कि यदि एसी कोच में भी यात्रियों का सामान सुरक्षित नहीं है तो यह रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
इस मामले ने एक बार फिर रेल यात्रियों की सुरक्षा और चोरी की घटनाओं के बाद होने वाली कार्रवाई की प्रभावशीलता पर बहस छेड़ दी है। यात्रियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित जांच, पारदर्शी कार्रवाई और पीड़ितों को नियमित सूचना उपलब्ध कराना रेलवे की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

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