देवब्रत मंडल

कभी कभी आंखें कलम उठाने को मजबूर कर देती है। किसी खबरों से नजर चुराना भी पत्रकारों के लिए बड़ा ही कठिन हो जाता है। वो भी उन परिस्थितियों में जब आम आदमी के साथ कुछ नाजायज़ हो रहा हो। खैर, आम आदमी सुबह से देर रात तक सोशल साइट्स को निहारते रहते हैं। खास तो खास होते हैं। गया जंक्शन पूर्व मध्य रेल का एक ऐसा रेलवे स्टेशन है, जिस पर रेल मंत्रालय तक की नजर बराबर रहती है। विशेष कर आजकल। जब इसका स्वरूप विश्वस्तरीय बन रहा है।
सुबह में मगध लाइव की नजर फ़ेसबुक पेज पर पड़ी तो पता चला कि पिक एंड ड्रॉप करने आए एक वाहन के चालक या फिर मालिक से प्रीमियम पार्किंग शुल्क लिया गया। शिकायत करने वाले का आरोप है कि पिक एंड ड्रॉप करने आए वाहन से शुल्क(ठीकेदारी) वसूली हुई। बात में कितनी सच्चाई है ये तो मगध लाइव नहीं बता सकता है लेकिन शिकायत की जांच तो होनी ही चाहिए। जांच में क्या होता है ये तो पीड़ित बता सकते हैं या रेल प्रशासन।
इसके पहले ऑटो रिक्शा चालक के साथ हुई नाजायज़ वसूली का मामला ऊपर तक चला गया था। अंदरूनी जांच हुई। सुनने में आया है कि कथित आरोपी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी हुई है लेकिन मगध लाइव इसकी पुष्टि नहीं कर सकता है। लेकिन कानों कान ये बात पता चला है कि वेतन में कटौती की कार्रवाई हुई है।
गया जंक्शन पर नाजायज़ कृत्य की फेहरिस्त लंबी है। लिखने के लिए शुरू की जाए तो लोगों को पढ़ने में अरुचिकर लगने लगेगा। आज ऑटो स्टैंड की बात करें तो आप देख सकते हैं कि कितने नाजायज़ स्टैंड हैं। जहां दिन रात वाहनों की भीड़ होती है। जहां साहेब का ऑफिस है, वहीं से शुरू करें तो सब स्पष्ट दृष्टिगोचर होता है। दो सरकारी स्टैंड पर अवैध पार्किंग की सूची काफी लंबी है।
प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेनों में नाजायज़ कृत्य हो रहे हैं। मगध लाइव कई बार सजीव चित्रण करते हुए वीडियो और फोटोज आप सभी के सामने रख चुका है लेकिन क्या मजाल कि इन अवैध कृत्यों पर कहें या नाजायज़ कारनामे पर पूर्ण विराम लगा हो। ट्रेन से हर सुबह खोवा आता है। वो भी पार्सल कार्यालय और आरएमएस कार्यालय के बीच दीवार से फांद कर सड़क पर हर दिन निकाला जा रहा है लेकिन रोके तो कौन?
रिज़र्वेशन टिकट काउंटर पर आज भी दलाल हावी है। सुनने को मिलते हैं कि यहां इस नाजायज़ के लिए सबकी आंखें बंद करा दी गई है। हाल ही में एक बड़े न्यूज़ चैनल पर स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ है कि आम यात्री लाइन में लगे रह जाते हैं और दलाल दोगुनी राशि लेकर कन्फर्म टिकट दिलवा देने का आश्वासन देते हैं। आखिर ये कैसे संभव होता है ये तो वही बता सकते हैं जो इसमें शामिल रहते होंगे। अमर कुमार नामक टिकट दलाल की गिरफ्तारी के बाद तो यहां गवाहों को भी मैनेज करने के लिए दवाब डाला गया था। इसकी चर्चा रेल महकमे से लेकर दलालों तक हो रही थी।
खैर! एक बात जो नहीं कहना चाहता है मगध लाइव। फिर भी सोशल मीडिया पर तेजी से आज भी वायरल हो रहे हैं कि स्टेशन परिसर को केंद्र बनाकर जिस्मफरोशी का भी धंधा करने वाले लोग सक्रिय हैं। इसमें एक प्रौढ़ावस्था के व्यक्ति का नाम सामने आ रहा है जो स्टेशन परिसर में ही दातुन और प्लास्टिक बेचने वाली एक महिला के आसपास देर शाम के बाद से अल सुबह तक भटकते रहता है। जिसकी तस्वीर भी मगध लाइव ने कुछ दिन पहले सामने लाया था।
एक और बात, जो चर्चा में है कि ट्रेन से माफियाओं द्वारा लाई जा रही शराब की खरीद बिक्री करने वाले एक दो लोगों के नाम सामने आए हैं। जो रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित एक मंदिर के आसपास मंडराते रहते हैं। जिनके गुर्गे भी इसी मंदिर के आसपास विचरण करते रहते हैं। जिस ट्रेन से शराब आती है, ये सभी सक्रिय हो जाते हैं और उस रास्ते से ही शराब की खेप लेकर निकल जाते हैं, जहां खाकी वर्दी वालों का पहरा रहता है।
बहरहाल, गया जंक्शन पर नाजायज़ कृत्यों की फेहरिस्त लंबी है, इसमें कौन कौन शामिल हैं, इस बात का खुलासा तब हो सकता है जब ऐसे लोगों के मोबाईल फोन नंबर के सीडीआर खंगालने की कोशिश की जाती है।
ऐसे ही खबरों के लिए देखते, पढ़ते रहिए magadhlive
