देवब्रत मंडल

FOB छोड़ पटरियों से प्लेटफॉर्म बदल रहे बच्चे-बड़े, इस साल 250 से ज्यादा पर कार्रवाई का दावा, फिर भी मौके पर नहीं दिखते जवान, क्या बड़े हादसे का इंतजार कर रहा रेल प्रशासन?
गया: गया जंक्शन पर यात्रियों की जान से खिलवाड़ का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। 19 जून को एक वीडियो सामने आया था जिसमें ट्रेन के आते समय भी यात्री फुट ओवर ब्रिज (FOB) का इस्तेमाल न कर सीधे रेल पटरियों को लांघकर प्लेटफॉर्म बदल रहे थे। magadhlive ने फोटो सहित यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।

इसके बावजूद 27 जून की रात एक और वीडियो वायरल हुआ है। इसमें साफ दिख रहा है कि परिवार के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी जान जोखिम में डालकर रेल पटरियों से होकर दूसरे प्लेटफॉर्म पर जा रहे हैं।
दावा- 250 से ऊपर पर कार्रवाई, हकीकत- प्लेटफॉर्म पर सन्नाटा
इस मामले में जब भी वरिष्ठ अधिकारियों से सवाल किया जाता है तो जवाब आता है कि RPF और GRP द्वारा लगातार सतर्कता और जागरूकता अभियान चलाया जाता है। यात्रियों से अपील की जाती है कि FOB का ही इस्तेमाल करें।
अधिकारियों का यह भी दावा है कि इस साल अब तक इस तरह की गलती करने वाले 250 से अधिक लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जा चुकी है।
लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। हर बार वीडियो में देखा गया है कि जब यात्री पटरियों से प्लेटफॉर्म बदल रहे होते हैं, उस वक्त उन्हें रोकने-टोकने के लिए RPF या GRP का एक भी जवान प्लेटफॉर्म पर मौजूद नहीं रहता। दूर-दूर तक सुरक्षा बल का कोई अधिकारी या जवान नजर नहीं आता।
क्या बड़े हादसे का इंतजार?

गया जंक्शन पर यह लापरवाही आम बात हो गई है। यात्री ट्रेन के आने-जाने के वक्त भी बेधड़क पटरी पार करते दिख जाते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सुरक्षा बल के अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?
रेलवे एक्ट के तहत पटरी पार करना दंडनीय अपराध है, फिर भी इस पर अंकुश नहीं लग पा रहा। अगर समय रहते इस लापरवाही पर रोक नहीं लगाई गई तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
जरूरत है कि RPF और GRP सिर्फ कागजी कार्रवाई और बयानबाजी से बाहर निकलकर प्लेटफॉर्म पर भौतिक रूप से मौजूद रहें और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करें।
