देवब्रत मंडल

गया, 9 जून। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एएनएमएमसीएच) में एमबीबीएस छात्रों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। छात्रों द्वारा अस्पताल परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार, इमरजेंसी एवं ओपीडी काउंटर पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किए जाने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

छात्रों ने अस्पताल परिसर में पोस्टर लगाकर अपनी मांगों के समर्थन में आंदोलन जारी रखा। पोस्टर में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि कॉलेज और अस्पताल से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर वे लंबे समय से आवाज उठा रहे हैं।
इस बीच मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक आदेश जारी कर छात्रों की कार्रवाई को गंभीरता से लिया है। आदेश में कहा गया है कि 7 जून को प्राचार्य एवं अधीक्षक के समक्ष छात्रों ने आश्वासन दिया था कि संस्थान स्तर की मांगें स्वीकार होने के बाद वे हड़ताल नहीं करेंगे तथा इमरजेंसी, ओपीडी एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित नहीं करेंगे। प्रशासन के अनुसार संस्थान स्तर की मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है और शेष मांगों को स्वास्थ्य विभाग, बिहार सरकार के समक्ष भेज दिया गया है।

इसके बावजूद 2022, 2023, 2024 और 2025 बैच के एमबीबीएस छात्रों द्वारा बिना किसी पूर्व लिखित सूचना के इमरजेंसी और ओपीडी सेवाएं बाधित कर दी गईं। आदेश में इसे जनहित के विपरीत बताते हुए कहा गया है कि इससे मरीजों के उपचार कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को तत्काल इमरजेंसी, ओपीडी एवं अन्य सेवाएं बहाल करने का निर्देश दिया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया तो संबंधित छात्रों के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी आंदोलनरत छात्रों की होगी।
उधर अस्पताल पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों को बंद ओपीडी और बाधित सेवाओं के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अब सभी की निगाहें प्रशासन और छात्रों के बीच होने वाली अगली वार्ता पर टिकी हैं, जिससे गतिरोध समाप्त हो सके और स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य हो सकें।
