गया जंक्शन और आसपास के रेलखंडों में चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी, मई में अबतक 18 मामले दर्ज
देवब्रत मंडल

गया। रेल यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीडीयू मंडल अंतर्गत गया जंक्शन से जुड़ी घटनाएं यात्रियों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। बीते मई महीने में हुई आपराधिक घटनाओं के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो हर दिन किसी न किसी यात्री को अपराधी अपना ग्राह्य(शिकार) बना रहे हैं। कुछ यात्री ऐसे भी होंगे जिन्होंने कहीं शिकायत नहीं दर्ज कराया हो।
गया जंक्शन और उससे जुड़े रेलखंडों में चोरी की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में यात्रियों के मोबाइल फोन, लेडीज पर्स, नकदी, दस्तावेज और अन्य सामान चोरी होने की शिकायतें दर्ज की गई हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गया जंक्शन, डीडीयू, डेहरी ऑन सोन, अनुग्रह नारायण रोड, सासाराम और प्रयागराज के बीच चलने वाली विभिन्न ट्रेनों में चोरी की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें अधिकांश मामलों में यात्रियों के मोबाइल फोन चोरी हुए, जबकि कई मामलों में लेडीज पर्स, नकदी, दस्तावेज और अन्य कीमती सामान भी गायब होने की शिकायत की गई।
आइए देखें कुछ प्रमुख घटनाएं
18 मई को ट्रेन संख्या 01930 अप में मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई।
19 मई को ट्रेन संख्या 13349 अप, 12308 डाउन और 15293 अप में मोबाइल फोन चोरी की घटनाएं सामने आईं।
20 मई को ट्रेन संख्या 05589 अप, 09709 डाउन, 03436 डाउन और 18611 अप में मोबाइल फोन, पर्स और अन्य सामान चोरी होने की शिकायतें दर्ज की गईं।
यदि आंकड़ों की बात करें तो 21 मई को तो घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। ट्रेन संख्या 22465 अप, 12321 अप, 10351 अप, 04153 डाउन, 12142 अप, 12366 डाउन, 18624 डाउन समेत कई ट्रेनों में मोबाइल फोन, लेडीज पर्स, नकदी और दस्तावेज चोरी होने की शिकायतें दर्ज कराई गईं।
आंकड़ों के अनुसार 21 मई तक दर्ज घटनाओं में सबसे अधिक मामले मोबाइल फोन चोरी के रहे। इसके अलावा कई यात्रियों ने लेडीज पर्स, नकदी, दस्तावेज, घड़ी और मोबाइल चार्जर तक चोरी होने की शिकायत की है।
देखा जाए तो रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) को इन मामलों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी उच्चाधिकारियों ने दिए हैं। लगातार सामने आ रही घटनाओं ने रेल यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यात्रियों का कहना है कि गया जंक्शन और उससे जुड़े रेलखंडों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जो कदम उठाए गए हैं उसे और मजबूत करने तथा ट्रेनों और प्लेटफार्मों पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है।
