
देवब्रत मंडल
गया। करीब नौ वर्ष पुराने बहुचर्चित दो मासूम बच्चों की हत्या के मामले में गया की अदालत ने दोषी मां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-1, गया शशि कांत ओझा की अदालत ने स्टेट ऑफ बिहार बनाम ब्यूटी देवी (सेशन ट्रायल संख्या-258/2017) में यह फैसला सुनाया।
अदालत ने 21 जुलाई 2026 को ब्यूटी देवी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/120बी एवं 201/120बी के तहत दोषी ठहराया था। इसके बाद 27 जुलाई 2026 को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषी को आजीवन कारावास तथा ₹50,000 अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त चार माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
क्या था मामला
अभियोजन के अनुसार, गुरारू थाना क्षेत्र के तिलोरी गांव निवासी शिकायतकर्ता ने वर्ष 2017 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी बहू ब्यूटी देवी ने कथित रूप से प्रेम संबंध के कारण अपने दो छोटे बच्चों की हत्या कर शवों को जलाने का प्रयास किया। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की और साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र दाखिल किया।
अदालत की टिप्पणी
सजा के दौरान अभियोजन पक्ष ने इसे अत्यंत जघन्य अपराध बताते हुए कठोर दंड की मांग की। वहीं बचाव पक्ष ने दोषी महिला होने और पूर्व में किसी आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए नरमी की अपील की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की गंभीरता को देखते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
यह मामला वर्ष 2017 से न्यायालय में विचाराधीन था, जिसका फैसला अब जाकर आया है।
