गया जंक्शन पर यात्रियों की जान जोखिम में, एफओबी के बजाय यात्री पटरियों पर आए, हादसे की आशंका,जिम्मेदार कौन?

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

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गया जंक्शन

गया। शुक्रवार 19 जून 2026 को पटना-हटिया एक्सप्रेस के लगभग तीन घंटे से अधिक विलंब से चल रही थी। गया जंक्शन आने के दौरान इस झुलसती गर्मी में परेशान यात्रियों ने ट्रेन के आगमन के क्रम में बड़ी संख्या में यात्री प्लेटफॉर्म संख्या 5 से 6 पर जाने के लिए रेलवे ट्रैक पार करते देखे गए। जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रही। गया जंक्शन पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे है। जहां गया जंक्शन को विश्व स्तरीय स्टेशन बनाने की तैयारी चल रही है वहीं सुरक्षा व्यवस्था ताक पर रख दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर आरपीएफ और जीआरपी की तैनाती की गई है। लेकिन जब ट्रेन प्लेटफॉर्म की ओर आ रही थी और यात्री एफओबी से प्लेटफॉर्म बदलने के बजाय सीधे रेल पथ पर आ गए और प्लेटफॉर्म बदले। यहां पर न तो आरपीएफ का कोई सिपाही दिखाई दे रहा था और न तो जीआरपी के जवान। पदाधिकारी की तो बात करना ही बेमानी है।

शुक्र है कि कोई हादसा नहीं हुआ। वरना दुर्घटना के बाद फिर वही बात होती कि चिकित्सक बुलाया जाएं। इसके लिए मेमो भेजा जाए। तब तक शायद कुछ अनहोनी की आशंका। यहां कई बार ऐसे हादसे हो चुके हैं म वो भी आरपीएफ और जीआरपी की मौजदूगी में भी हुए हैं। महाबोधि एक्सप्रेस, जनशताब्दी एक्सप्रेस से हुई घटनाओं को भुलाया नहीं जा सकता। जरूरत है व्यवस्था में सुधार के साथ साथ जन जागरूकता कार्यक्रम चलाने की।
गौरतलब है कि गया जंक्शन पर आए दिन कई दुखद घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद यात्रियों को रोकने और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं दिखी। यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।

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