देवब्रत मंडल

गया, 5 जून 2026 – गया-नई दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस (12397) के सामान्य डिब्बे में सीट बेचने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को एक महिला यात्री ने आरोप लगाया कि कोच में पहले से मौजूद एक व्यक्ति ने कई सीटों पर कब्जा कर रखा था और 200 रुपए लेकर बैठने दे रहा था। मना करने पर उस व्यक्ति ने महिला से दुर्व्यवहार किया।
क्या है पूरा मामला
पीड़िता गया जिले के टिकारी अनुमंडल के पंचानपुर की रहने वाली हैं। वे शुक्रवार को गया जंक्शन से भभुआ स्टेशन जाने के लिए महाबोधि एक्सप्रेस के जनरल कोच में चढ़ीं। कोच में पहले से मौजूद एक व्यक्ति ने कई सीटों पर कब्जा कर रखा था। जब महिला ने बैठने की कोशिश की तो उसने 200 रुपए की मांग की। इसी बात पर दोनों में तीखी बहस हुई।
पीड़िता का आरोप है कि कई अन्य यात्रियों से भी 200-200 रुपए लेकर सीट दी गई। “लोग मजबूरी में पैसे देकर सीट ले रहे थे,” उन्होंने कहा।
कैसे चलता है ये ‘धंधा’
महाबोधि एक्सप्रेस रोज दोपहर 2:00 बजे गया जंक्शन से नई दिल्ली के लिए खुलती है। ट्रेन करीब 1:30 बजे वाशिंग पिट लाइन से प्लेटफॉर्म पर आती है। नियमानुसार जनरल कोच में यात्रियों को लाइन में लगाकर बैठाने के लिए RPF की टीम मौजूद रहती है। आरोप है कि RPF के साथ कुछ निजी लोग भी रहते हैं जो “कारखास” कहलाते हैं। इनकी संख्या चार बताई जाती है। यात्रियों का आरोप है कि सीट बेचने का सौदा वाशिंग पिट लाइन पर और प्लेटफॉर्म पर फाइनल हो जाता है।
एक आरोपी गिरफ्तार, रोज का खेल
घटना की शिकायत ऊपर तक पहुंचने के बाद एक व्यक्ति की गिरफ्तारी की सूचना मिली है। हालांकि यात्रियों का कहना है कि यह धंधा रोज चलता है।
रेलवे की चुप्पी
फिलहाल रेलवे या RPF की तरफ से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यात्री मांग कर रहे हैं कि जनरल कोच में सीट बेचने वाले गिरोह पर सख्त कार्रवाई हो और RPF की भूमिका की भी जांच हो।
