देवब्रत मंडल

मगध लाइव डेस्क | गया, 22 जून 2026
गया जंक्शन और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अप्रैल 2026 में ही दर्जनों यात्री अपना नकद, मोबाइल, गहने और जरूरी दस्तावेज गंवा चुके हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ज्यादातर वारदातें गया जंक्शन पहुंचने से ठीक पहले, प्लेटफॉर्म पर या उतरते-चढ़ते वक्त हुई हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने डीडीयू मंडल की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
लाखों का नुकसान, जंक्शन और संबंधित ट्रेनों में चोरी के 13 बड़े मामले दर्ज हुए:
तारीख- ट्रेन व चोरी गया सामान
21.04.2026 – 04513 अप महिला यात्री का पर्स – ₹9,000 नकद + गहने
22.04.2026 – 12382 डाउन एक्सप्रेस पर्स – ₹15,000 नकद, अंगूठी, चार्जर
22.04.2026 – 12988 डाउन यात्री का ट्रॉली बैग
22.04.2026 – 13210 अप एक्सप्रेस बैग – नकद + कपड़े
24.04.2026 – 13435 अप पर्स – ₹15,000 नकद + मोबाइल
24.04.2026 / 09080 अप गया आते समय मोबाइल चोरी
24.04.2026 – 18163 डाउन पिट्ठू बैग – ₹7,000 नकद, मोबाइल, दस्तावेज
24.04.2026 – 04513 अप गया आते समय मोबाइल चोरी
25.04.2026 – 12946 डाउन बैग – जरूरी दस्तावेज
25.04.2026 – 12876 डाउन ट्रॉली बैग – ₹10,000 नकद + चांदी के आभूषण
25.04.2026 – 12295 डाउन पर्स – ₹10,000 नकद + चांदी के आभूषण
25.04.2026 – 13436 डाउन, ब्रह्मपुत्र मेल बैग – ₹7,000 नकद, पासपोर्ट, कपड़े
25.04.2026 – 63258 डाउन पर्स – आधार, पैन कार्ड समेत दस्तावेज
गया जंक्शन बना सॉफ्ट टारगेट
पीड़ित यात्रियों का आरोप है कि चोरों के निशाने पर खासकर महिला यात्री और अकेले सफर करने वाले लोग हैं। गया-डीडीयू, गया-कोडरमा और गया-पटना रेलखंड पर चलती ट्रेन में सामान पार कर देना अब आम बात हो गई है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल होने के बावजूद गया जंक्शन पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
आरपीएफ-जीआरपी की कार्यशैली पर सवाल
पूर्व मध्य रेल के डीडीयू मंडल अंतर्गत चलती ट्रेन और स्टेशन परिसर में चोरी रोकने की जिम्मेदारी आरपीएफ और जीआरपी की है। लेकिन अप्रैल के बाद मई में भी घटनाएं जारी रहने से इन एजेंसियों की कार्यकुशलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर सीसीटीवी तो लगे हैं, पर मॉनिटरिंग और त्वरित कार्रवाई नहीं हो रही।
यात्रियों की मांग: गश्त और निगरानी बढ़े
लगातार हो रही वारदातों के बाद यात्रियों ने रेल प्रशासन से मांग की है कि:
- प्लेटफॉर्म और ट्रेनों में वर्दीधारी जवानों की गश्त बढ़ाई जाए
- सीसीटीवी मॉनिटरिंग 24×7 एक्टिव रहे और संदिग्ध दिखते ही कार्रवाई हो
- सादे कपड़ों में सुरक्षा बल तैनात किए जाएं
- अनाउंसमेंट सिस्टम से यात्रियों को लगातार सतर्क किया जाए
फिलहाल आरपीएफ और जीआरपी सभी मामलों की जांच कर रही है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि सफर के दौरान अपने कीमती सामान, नकदी और दस्तावेजों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत 139 या रेल मदद ऐप पर सूचना दें।
मई में भी नहीं थमी वारदातें
मगध लाइव मई महीने में हुई चोरी की घटनाओं की जानकारी भी जल्द प्रकाशित करेगा। अप्रैल के आंकड़े बता रहे हैं कि अगर तुरंत ठोस कदम नहीं उठाए गए तो गया जंक्शन की छवि और यात्रियों का भरोसा दोनों को नुकसान पहुंचेगा।
नोट:प्राप्त जानकारी का आधार दर्ज शिकायत के अनुसार, लिपिकीय भूल के लिए मगध लाइव की टीम जिम्मेदार नहीं
