निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पीड़िता ने आईजी से लगाई गुहार, मामला ठगी, मानसिक प्रताड़ना, यौन शोषण व धमकी का

Deobarat Mandal

देवब्रत मंडल

image editor output image 201551339 17798826517411224259611934673287 निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पीड़िता ने आईजी से लगाई गुहार, मामला ठगी, मानसिक प्रताड़ना, यौन शोषण व धमकी का
आईजी कार्यालय के पास आवेदन पत्र के साथ पीड़िता


गया। विष्णुपद थाना कांड संख्या 242/26 में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर एक पीड़ित महिला ने मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विकास वैभव को आवेदन सौंपा है। आवेदन में महिला ने मामले की वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच कराने, नाबालिग गवाह का बयान दर्ज कराने तथा अनुसंधान की कार्यप्रणाली की उच्चस्तरीय समीक्षा कराने की मांग की है।

निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका जताई

पीड़िता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर उसके साथ ठगी, मानसिक प्रताड़ना, यौन शोषण, धमकी एवं सामाजिक रूप से अपमानित करने जैसी गंभीर घटनाएं हुई हैं। महिला का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, वे प्रभावशाली एवं प्रशासनिक तंत्र से जुड़े हुए बताए जाते हैं, जिससे उसे निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका है।

तकनीकी एवं पर्याप्त साक्ष्य पेश करने का किया दावा

आवेदन में पीड़िता ने कहा है कि अब तक की जांच प्रक्रिया और महत्वपूर्ण साक्ष्यों के प्रति बरती जा रही उदासीनता से उसके मन में गंभीर संदेह उत्पन्न हो रहा है। उसने दावा किया है कि मामले में कई तकनीकी एवं प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद हैं, जिनकी वैज्ञानिक जांच से सच्चाई सामने आ सकती है।

महत्वपूर्ण तीन बिंदुओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने की बात

महिला ने विशेष रूप से तीन बिंदुओं पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं होने का उल्लेख किया है। इनमें घटना से संबंधित तिथियों एवं समय का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) नहीं निकाला जाना, संबंधित मोबाइल नंबरों की टावर लोकेशन एवं लोकेशन मैपिंग की जांच नहीं होना तथा आरोपितों एवं संबंधित व्यक्तियों के बीच मोबाइल संपर्कों का वैज्ञानिक विश्लेषण नहीं कराए जाने की बात कही गई है।
पीड़िता ने आईजी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कराने की मांग की है।

आईजी ने त्वरित कार्यवाही की, पीड़िता को न्याय की उम्मीद

पीड़िता ने बताया आईजी श्री बैभव को उन्होंने बताया है कि आरोपी उनके विरुद्ध डेल्हा थाना में फर्जी एफआईआर दर्ज कराया है। इस बात पर आईजी श्री वैभव ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें और मामले को लेकर डीएसपी-1 के पास भेजा। जहां उन्हें डीएसपी ने आश्वासन दिया कि आरोपी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर की जांच(पर्यवेक्षण) करते हुए निरस्त कराते हुए उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। शिकायत कर्ता ने कहा-आईजी साहेब न्यायप्रिय अधिकारी हैं और उन्हें भरोसा है कि उन्हें अपने मामले में शीघ्र ही न्याय मिलेगा।

दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई है प्राथमिकी

पीड़िता ने आईजी श्री वैभव को बताया है कि इस मामले में जहां उनके द्वारा विष्णुपद थाना में एफआईआर दर्ज कराया गया है वहीं आरोपी ने भी उनके विरुद्ध डेल्हा थाना में एफआईआर दर्ज कराया है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी राणा प्रताप एक सरकारी सेवक हैं जो टिकारी प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित बताया गया हैं। साथ ही उनकी पत्नी भी सरकारी स्कूल में कार्यरत हैं।

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